Coronavirus Lockdown के बीच मास्क की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी को मात दे रहे झारखंड के ये उद्यमी...

कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते प्रकोप की रोकथाम के लिए देशव्यापी लॉकडाउन के पहले से ही झारखंड की राजधानी रांची में फेस मास्क की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी शुरू हो गयी.
रांची : कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते प्रकोप की रोकथाम के लिए देशव्यापी लॉकडाउन के पहले से ही झारखंड की राजधानी रांची में फेस मास्क की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी शुरू हो गयी. बाजार में मास्क के लिए लोगों में मची होड़ और अफरा-तफरी को देखते हुए रांची के ही उद्यमी संतोष अग्रवाल ने कालाबाजारी और मुनाफाखोरी को मात देने की ठान ली. उन्होंने सरकार को कम मूल्य पर मास्क का तेजी से उत्पादन करने का सुझाव दिया. उनके प्रयास ही का नतीजा है कि आज रांची में दवाई दोस्त के जरिये जरूरमंदों को मात्र 10 रुपये में मास्क उपलब्ध कराया जा रहा है. आइए, जानते हैं कि उन्होंने इस संकट की घड़ी में मुनाफाखोरों और कालाबाजारियों को सबक सिखाने के लिए क्या-क्या कदम उठाए…?
बाजार में मास्क की कमी और कालाबाजारी से उठा सवाल : रांची के नामकूम औद्योगिक क्षेत्र में श्री बालाजी डाईंग के नाम से स्कूल यूनिफॉर्म और जिंस कपड़ों का उत्पादन करने वाली फैक्टरी चलाने वाले संतोष अग्रवाल बताते हैं कि बीते गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए बीते 22 मार्च को ‘जनता कर्फ्यू’ का ऐलान करने के बाद बाजार में मास्क को लेकर मारा-मारी और कालाबाजारी शुरू हो गयी. बाजार में कालाबाजारी और मुनाफाखोरी को देखते हुए उनके मन में बात आयी कि क्यों न सरकार के जरिये सस्ती दरों पर सेनेटाइज्ड मास्क जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जाए. मन में यह बात आते ही उन्होंने सरकार से संपर्क किया और फिर सुझाव दिये. उनके सुझाव पर झारखंड की हेमंत सरकार ने मापदंड तैयार किये और संकट के दौर में उसने उन्हें दवाई दोस्त के जरिये बाजार में सस्ते मास्क लाने की अनुमति दी.
प्रतिदिन 4 से 5 हजार थ्री लेयर सेनेटाइज्ड मास्क का करते हैं उत्पादन : संतोष अग्रवाल ने बताया कि सरकार की ओर से अनुमति मिलने के बाद उन्होंने युद्धस्तर पर थ्री लेयर सेनेटाइज्ड मास्क का उत्पादन शुरू कर दिया. वे बताते हैं कि बीते सोमवार से उनकी फैक्टरी में रोजाना करीब 4 से 5 हजार थ्री लेयर सेनेटाइज्ड मास्क का उत्पादन किया जा रहा है और उसे दवाई दोस्त के जरिये खुदरा बाजार में जरूरतमंदों को कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है.
पुलिस, पत्रकार, इमरजेंसी कार्य में लगे लोग और आमजन को फ्री में बांट रहे मास्क : झारखंड के उद्यमी संतोष अग्रवाल ने बताया कि कालाबाजारियों और मुनाफाखोरों के खिलाफ छेड़ी गयी यह मुहिम उनकी यहीं पर नहीं रुकी. उन्होंने बताया कि वे पुलिस पोस्ट पर पुलिसकर्मियों और राह से मुंह पर बिना मास्क लगाए गुजरने वाले प्रत्येक राहगीर को फ्री में मास्क उपलब्ध करा रहे हैं. पुलिसकर्मियों की मदद से वे वाहन चालकों को भी रोककर फ्री में ही मास्क दे रहे हैं. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि वे इमरजेंसी कार्य में जुटे मीडियाकर्मियों, चिकित्साकर्मियों, पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों को भी उनके संस्थानों और रास्ते में फ्री ही मास्क वितरित कर रहे हैं.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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