20 अप्रैल से ई-कॉमर्स कंपनियों के जरिये शुरू होगी मोबाइल, टीवी और फ्रिज की बिक्री

Author : KumarVishwat Sen Published by : Prabhat Khabar Updated At : 16 Apr 2020 4:59 PM

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मेजन, फ्लिकार्ट और स्नैपडील जैसी ई-कॉमर्स कंपनियो के जरिये मोबाइल फोन, टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर, लैपटॉप और साफ-सफाई से जुड़े उत्पादों की बिक्री की अनुमति 20 अप्रैल से होगी.

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नयी दिल्ली : अमेजन, फ्लिकार्ट और स्नैपडील जैसी ई-कॉमर्स कंपनियो के जरिये मोबाइल फोन, टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर, लैपटॉप और साफ-सफाई से जुड़े उत्पादों की बिक्री की अनुमति 20 अप्रैल से होगी. अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. तीन मई तक ‘लॉकडाउन’ (बंद) बढ़ाये जाने के दौरान को लेकर गृह सचिव अजय भल्ला द्वारा जारी संशोधित दिशानिर्देश के एक दिन बाद गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने यह स्पष्टीकरण जारी किया है.

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अधिकारी ने कहा कि मोबाइल फोन, टीवी, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद ई-कॉमर्स कंपनियों के मंच पर 20 अप्रैल से उपलब्ध होंगे. हालांकि, इन सामानों की डिलीवरी करने वाले वाहनों को सड़कों पर चलाने के बारे में संबंधित प्राधिकरण से मंजूरी लेनी होगी. बुधवार को जारी दिशानिर्देश के अनुसार, वाणिज्यिक और निजी प्रतिष्ठानों को बंद के दूसरे चरण में काम करने की अनुमति दी गयी है. मंत्रालय ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों के वाहनों को जरूरी मंजूरी के साथ सड़कों पर चलने की अनुमति होगी.

इससे पहले की अधिसूचना में गृह मंत्रालय ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि ई-कॉमर्स कंपनियों को खाने का सामान, औषधि और चिकित्सा उपकरण जैसे केवल जरूरी जिंसों की आपूर्ति की अनुमति होगी. बुधवार को जारी दिशानिर्देश में जरूरी और गैर-जरूरी जिंसों के बारे में स्पष्टीकरण नहीं किया गया था. सरकार के इस कदम को औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियां शुरू करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. ये गतिविधियां 25 मई से जारी बंद से ठप हैं.

बड़ी संख्या में लोग ई-कॉमर्स कंपनियों के ‘लॉजिस्टिक’ और सामानों की आपूर्ति के काम से जुड़े हैं. इन क्षेत्रों को खोलकर सरकार कर्मचारियों के एक बड़े तबके के हितों की रक्षा करना चाहती है. दिशानिर्देश में यह भी कहा गया है कि जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति शृंखला से संबद्ध सभी सुविधाओं को परिचालन की अनुमति मिलनी चाहिए. चाहे वे स्थानीय, ई-कॉमर्स कंपनियों के जरिये इन वस्तुओं के विनिर्माण, थोक या खुदरा कारोबार से ही क्यों न जुड़े हों. इसमें उन्हें कड़ाई से सामाजिक दूरी का पालन करते हुए काम करने की अनुमति देने की बात कही गयी है.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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