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LIC Adharshila Yojana : इस स्कीम में महिलाओं को गारंटीड आमदनी के साथ मिलता है बोनस, जानिए कैसे मिलेगा फायदा

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
महिलाओं के लिए खास है एलआईसी आधारशिला पॉलिसी.
महिलाओं के लिए खास है एलआईसी आधारशिला पॉलिसी.
प्रतीकात्मक फोटो.

LIC Adharshila Yojana : एलआईसी आधारशिला योजना (LIC Adharshila Yojana) भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की एक गारंटीड रिटर्न एंडोमेंट स्कीम है और यह मार्केट से जुड़ी स्कीम नहीं है. यह जीवन बीमा योजना लाभ के साथ की स्कीम है यानी इसमें आपको बोनस की सुविधा का लाभ दिया जाता है.

एलआईसी की आधारशिला योजना आपको एक ही समय पर सुरक्षा के साथ बचत भी प्रदान करती है. इसे खासतौर पर उन महिलाओं के लिए बनाया गया है, जिनके पास भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की ओर से जारी आधार कार्ड उपलब्ध है. यह योजना परिपक्वता (Maturity) से पहले दुर्भाग्यपुर्ण अनुपस्थिति में पॉलिसीधारक के परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करती है और अगर पॉलिसीधारक पूरे पॉलिसी अवधि तक जीवित रहती हैं, तो उन्हें परिपक्वता पर एक लम्पसम राशि का भुगतान करती है.

क्या हैं योजना के लाभ?

डेथ बेनिफिट : अगर पालिसी धारक की मृत्यु पालिसी प्रारंभ होने के पहले 5 वर्ष में होती है, तो उसे मृत्यु पर मिलनेवाले लाभ का भुगतान किया जाता है. अगर पॉलिसीधारक की मृत्यु, पॉलिसी शुरू होने के 5 वर्ष बाद लेकिन मैच्यूरिटी (परिपक्वता) से पहले होती है, तो उसके नॉमिनी को मृत्यु पर मिलनेवाला बीमित रकम के साथ लॉयल्टी एडिसन्स (अगर कुछ है तो) का भी भुगतान किया जाता है. यहां पर मृत्यु पर मिलनेवाले बीमित रकम का अर्थ वार्षिक प्रीमियम का 10 गुणा या मूल बीमित रकम का 110 फीसदी है. मृत्यु लाभ... मृत्यु तक भरे हुए कुल प्रीमियम के 105 फीसदी से कम नहीं होना चाहिए.

मैच्यूरिटी बेनिफिट : अगर पॉलिसीधारक पूरे पॉलिसी अवधि तक जीवित रहती है और उसने अपने सारे बकाया प्रीमियम का भुगतान किया है, तो उसे मैच्यूरिटी (परिपक्ववता) पर मिलनेवाले बीमित रकम के साथ लॉयल्टी एडिसन्स (अगर कुछ है तो) का भी भुगतान किया जाता है. यहां पर मैचुरिटी पर मिलनेवाला बीमित रकम का अर्थ मूल बीमित रकम होता है.

लॉयल्टी एडिसन्स : अगर पॉलिसीधारक पॉलिसी में 5 वर्ष तक बने रहते हैं और पॉलिसीधारक ने सारे प्रीमियम्स का भुगतान किया है, तो वह इस योजना के तहत पॉलिसी अवधि के दौरान मृत्यु होने पर या मैच्यूरिटी पर लॉयल्टी एडिसन पाने के योग्य होते हैं. उन्हें मिलनेवाले लॉयल्टी एडिसन के दर की घोषणा एलआईसी द्वारा की जाती है. अगर उनकी पॉलिसी पेडअप पॉलिसी में बदल चुकी है, तो उनको उतने ही पॉलिसी अवधि का लॉयल्टी एडिसन मिलेगा, जितनी अवधि तक वे पॉलिसी में बने हुए थे.

एलआईसी आधार शिला योजना के तहत शर्तें

रिवाइवल : ऐसी पॉलिसी जो बंद हो गई है और पेडअप पर चल रही है, उसको फिर से रिवाइव (पुनर्जीवित) किया जा सकता है. लेकिन, इसे आखिरी भरे हुए प्रीमियम से दो साल के भीतर ही रिवाइव किया जा सकता है. इसके लिए बकाया प्रीमियम के साथ उस पर लगे हुए ब्याज का भी भुगतान करना होता है.

ग्रेस पीरियड (अतिरिक्त समय) : नियमित रूप से तय तारीख पर प्रीमियम का भुगतान आवश्यक है. अगर किसी कारणवश तय तारीख पर आप प्रीमियम का भुगतान नहीं कर सके, तो एलआईसी द्वारा आपको प्रीमियम के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय दिया जाता है. यह समय 30 दिन और 15 दिन का होता है. 30 दिन का अतिरिक्त समय उनको दिया जाता है जो वार्षिक, छमाही या तिमाही तौर पर प्रीमियम का भुगतान करते हैं. 15 दिन का अतिरिक्त समय उनको दिया जाता है, जो मासिक तौर पर प्रीमियम का भुगतान करते हैं.

पेडअप मूल्य : अगर ग्रेस पीरियड (अतिरिक्त समय) में भी प्रीमियम का भुगतान नहीं किया जाता है, तो पालिसी बंद हो जाती है. अगर कम से कम तीन वर्षों के प्रीमियम का भुगतान किया गया है, तो तो पॉलिसी पेडअप पॉलिसी में बदल जाती है. इस पेडअप पॉलिसी में मिलनेवाली राशि के भुगतान की गणना बीमित रकम को भुगतान की गई प्रीमियम और वास्तविक देय प्रीमियम के अनुपात से कम की जाती है. इस गणना से जो रकम मिलती है, उसमें जमा हुआ बोनस भी जोड़ा जाता है. पेडअप पॉलिसी में भविष्य में मिलनेवाला बोनस नहीं जोड़ा जाता है और इस पेडअप रकम का भुगतान एलआईसी द्वारा मैच्यूरिटी (परिपक्वता) या मृत्यु पर किया जाता है.

सरेंडर मूल्य : अगर पॉलिसीधारक चाहे, तो पॉलिसी सरेंडर कर सकता है और सरेंडर मूल्य प्राप्त कर सकता है, लेकिन सरेंडर मूल्य तभी लागू होती है, जब ग्राहक ने पॉलिसी के तहत पहले तीन वर्ष का प्रीमियम भरा है. पॉलिसी सरेंडर करने पर गारंटीड सरेंडर वैल्यू और स्पेशल सरेंडर वैल्यू में से जो भी अधिक है, उसका भुगतान किया जाता है. इसकी गणना इस प्रकार की जाती है....

गारंटीड सरेंडर वैल्यू = (कुल प्रीमियम भुगतान का 30 फीसदी) - (पहले वर्ष का प्रीमियम)

स्पेशल सरेंडर वैल्यू = इसकी गणना कंपनी द्वारा उसके भविष्य के प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है.

लोन : अगर आपके पॉलिसी ने सरेंडर मूल्य प्राप्त कर लिया है, तो आप इस योजना के तहत लोन का लाभ उठा सकते हैं. इस लोन पर भरे जाने वाले ब्याज की दर की गणना निश्चित अंतराल पर एलआईसी द्वारा की जाएगी. सरेंडर वैल्यू के प्रतिशत के रूप में अधिकतम लोन जारी पॉलिसियों के लिए 90 फीसदी तक, पेडअप पॉलिसियों के लिए 80 फीसदी तक मिलेगा. इसके साथ ही, ब्याज के साथ बकाया किसी भी लोन की राशि क्लेम की रकम से वसूल की जाएगी.

फ्री लुक पीरियड : अगर पॉलिसीधारक इस योजना से खुश नहीं है, तो वह इस योजना को खरीदने के 15 दिन के भीतर इसे रद्द कर सकता है. इस अवधि को फ्री लुक पीरियड कहा जाता है. योजना के रद्द होने के बाद आपके प्रीमियम को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के वापस लौटा दिया जाता है.

Posted By : Vishwat Sen

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