1. home Hindi News
  2. business
  3. india at number six in the world after japan america in terms of economic package

CESI Report : आर्थिक पैकेज के मामले में जापान-अमेरिका के बाद छठे नंबर पर भारत

By Agency
Updated Date
पीएम मोदी.
पीएम मोदी.
फाइल फोटो.

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस महामारी से बुरी तरह प्रभावित देश की अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया है. इसे दुनियाभर के देशों द्वारा इस महामारी से निपटने के लिए घोषित प्रोत्साहनों में सबसे बड़े आर्थिक पैकेज में से एक माना जा रहा है. मोदी का आत्म-निर्भर भारत अभियान या आत्म-निर्भर भारत मिशन 2019-20 में भारत के सकल घरेलू उत्पादन (जीडीपी) के 10 फीसदी के बराबर है. इस लिहाज से अगर देखा जाए, तो भारत जापान और अमेरिका के बाद छठे नंबर पर है. आर्थिक पैकेज के मामले में सिर्फ जापान, अमेरिका, स्वीडन, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी भारत से आगे हैं.

हालांकि, दुनियाभर के अन्य देशों द्वारा घोषित राहत पैकेज की तुलना में यह पूरी तरह नया नहीं है. इसमें सरकार द्वारा मार्च में घोषित 1.7 लाख करोड़ रुपये का पैकेज और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तरलता बढ़ाने के लिए उठाये गये विभिन्न कदम और ब्याज दरों में कटौती भी शामिल है. कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए दुनियाभर के देशों में लॉकडाउन है. इससे पैदा हुए आर्थिक संकट को 1930 के दशक की महामंदी के बाद का सबसे बड़ा संकट माना जा रहा है. इसी को देखते हुए दुनियाभर के देश ‘कोरोना वायरस प्रोत्साहन पैकेज' की घोषणा कर रहे हैं.

अर्थशास्त्री सेहुन एल्गिन द्वारा कोविड-19 आर्थिक प्रोत्साहन इंडेक्स (सीईएसआई) में जुटाये गये आंकड़ों के अनुसार, डॉलर मूल्य में अमेरिका ने सबसे बड़ा यानी 2,700 अरब डॉलर का पैकेज घोषित किया है. हालांकि, जीडीपी के प्रतिशतता के अनुपात में अमेरिका जापान से पीछे है. जापान ने अपने जीडीपी के 21.1 फीसदी के बराबर पैकेज की घोषणा की है, जबकि अमेरिका का पैकेज उसके जीडीपी का 13 फीसदी है.

जापान और अमेरिका के बाद स्वीडन ने अपने जीडीपी के 12 फीसदी, ऑस्ट्रेलिया ने 10.8 फीसदी और जर्मनी ने अपने जीडीपी के 10.7 फीसदी यानी 815 अरब डॉलर के पैकेज की घोषणा की है. इटली में कोरोना वायरस ने काफी कहर मचाया है. इटली की सरकार ने करीब 750 अरब यूरो के पैकेज की घोषणा की है.

भारत का 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज 265 अरब डॉलर बैठता है, जो इसके जीडीपी के 10 फीसदी के बराबर है. हालांकि, इसमें सारा पैसा सरकार नहीं खर्च करेगी. वहीं, अमेरिका में घोषित 2,700 अरब डॉलर के प्रोत्साहन पैकेज में पूरी राशि डोनाल्ड ट्रंप सरकार खर्च करेगी. इसमें अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा किये गये उपाय शामिल नहीं हैं.

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें