बच्चे का Aadhaar अपडेट करना भूल गए? 30 सितंबर तक फ्री है Biometric Update, ऐसे उठाएं फायदा
बच्ची फिंगरप्रिंट स्कैनर पर अपना हाथ रखती हुई
अगर बच्चे की उम्र 5 या 15 साल हो चुकी है, तो आधार बायोमेट्रिक अपडेट जरूर कराएं. 30 सितंबर तक फ्री सुविधा का फायदा उठाएं.
अगर आपके घर में 5 से 17 साल की उम्र का बच्चा है, तो उसके आधार का मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) जरूर चेक कर लें. UIDAI ने बच्चों के लिए यह अपडेट 30 सितंबर 2026 तक फ्री रखा है. यानी इस तारीख तक आधार सेंटर जाकर बच्चे के बायोमेट्रिक्स अपडेट कराने पर कोई फीस नहीं देनी होगी. इसके बाद फ्री सुविधा जारी रहेगी या नहीं, यह तय नहीं है और चार्ज लग सकता है.
UIDAI लगातार माता-पिता और गार्जियन से अपील कर रहा है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार न करें. खासकर स्कूली बच्चों के लिए आधार की जानकारी सही और अपडेट रहना जरूरी है, क्योंकि इसका इस्तेमाल स्कूल एडमिशन, परीक्षा, स्कॉलरशिप और सरकारी योजनाओं में पहचान की पुष्टि के लिए किया जाता है.
किन बच्चों को आधार में बायोमेट्रिक्स अपडेट कराना है?
नियम के मुताबिक बच्चों का आधार बायोमेट्रिक दो उम्र पर अपडेट करना जरूरी है. पहली बार 5 साल की उम्र पूरी होने पर और दूसरी बार 15 साल की उम्र में. छोटे बच्चों का आधार बनाते समय आमतौर पर सिर्फ डेमोग्राफिक डिटेल्स और फोटो ली जाती है. उस समय उंगलियों के निशान और आंखों की स्कैनिंग नहीं की जाती, क्योंकि बच्चों में ये बायोमेट्रिक्स अभी पूरी तरह विकसित हो रहे होते हैं. इसलिए 5 और 15 साल की उम्र में बायोमेट्रिक्स अपडेट कराना जरूरी होता है, ताकि आगे बच्चे की पहचान आसानी से वेरिफाई हो सके.
30 सितंबर तक फ्री क्यों है यह अपडेट?
UIDAI ने बच्चों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट को बढ़ावा देने के लिए खास फ्री सुविधा दी है. 5 से 17 साल की उम्र के बच्चों के लिए 30 सितंबर 2026 तक MBU फ्री है. इसलिए अगर आपके बच्चे का अपडेट बाकी है, तो अभी करा लेना फायदे का सौदा है. डेडलाइन के बाद फ्री सुविधा आगे बढ़ेगी या नहीं, इसकी कोई पक्की जानकारी नहीं दी गई है. ऐसे में बाद में फीस देनी पड़ सकती है. UIDAI के मुताबिक, अब तक देशभर में स्कूली बच्चों के करीब 2 करोड़ बायोमेट्रिक अपडेट किए जा चुके हैं. यह खास अभियान पिछले साल सितंबर में शुरू हुआ था और अब तक 1.56 लाख से ज्यादा स्कूलों तक पहुंच चुका है.
बच्चे के लिए यह अपडेट इतना जरूरी क्यों है?
आधार सिर्फ पहचान संख्या नहीं है. बच्चों की पढ़ाई से जुड़े कई कामों में भी इसका इस्तेमाल होता है. अपडेटेड बायोमेट्रिक्स होने से पहचान की पुष्टि में परेशानी कम हो सकती है.
खास तौर पर इन कामों में आधार काम आ सकता है:
- स्कूल में एडमिशन के समय
- परीक्षाओं के दौरान पहचान की पुष्टि में
- स्कॉलरशिप के लिए आवेदन में
- सरकारी योजनाओं का फायदा लेने में
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