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कोल इंडिया को आईसीवीएल से अलग होने का निर्देश

Updated at : 24 Feb 2015 4:03 PM (IST)
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कोल इंडिया को आईसीवीएल से अलग होने का निर्देश

नयी दिल्ली : सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के निदेशक मंडल ने कंपनी को इंटरनेशनल कोल वेंचर्स लिमिटेड (आईसीवीएल) से अलग होने का निर्देश दिया है.आईसीवीएल सार्वजनिक कंपनियों का समूह है. विदेशों में कोयला ब्‍लॉकों के अधिग्रहण के लिएइसका गठन किया गया है. कोल इंडिया ने आज बताया कि उसके निदेशक मंडल […]

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नयी दिल्ली : सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के निदेशक मंडल ने कंपनी को इंटरनेशनल कोल वेंचर्स लिमिटेड (आईसीवीएल) से अलग होने का निर्देश दिया है.आईसीवीएल सार्वजनिक कंपनियों का समूह है. विदेशों में कोयला ब्‍लॉकों के अधिग्रहण के लिएइसका गठन किया गया है.
कोल इंडिया ने आज बताया कि उसके निदेशक मंडल ने कोल इंडिया की इकाई एमसीएल के ओडिशा में कोयला आधारित सुपर क्रिटिकल तापीय बिजली संयंत्र 800-800 मेगावाट की दो इकाई स्थापित करने का काम शुरू करने को लेकर पहले साल के लिए 1,019 करोड़ रुपये के खर्च की मंजूरी दी है.
कंपनी ने बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, ‘कोल इंडिया के निदेशक मंडल ने 13 फरवरी को हुई बैठक में यह निर्देश दिया कि कोल इंडिया को आईसीवीएल से हट जाना चाहिए.’
सीआईएल यह मानती रही है कि आईसीवीएल से जुड़े रहने से उसे कोई फायदा नहीं है जबकि वित्तीय बोझ पड़ रहा है. कोल इंडिया के अलावा आईसीवीएल के प्रवर्तकों में सेल और आरआईएनएल जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां शामिल हैं.
आईसीवीएल का गठन 2009 में किया गया था. इसका मकसद घरेलू इस्पात उद्योग के लिए दीर्घकालीन ईंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करना है.
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