मूडीज ने भी 2019 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 5.6 फीसदी किया

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नयी दिल्ली : मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 2019 के लिए घटाकर 5.6 फीसदी कर दिया. मूडीज ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट में कहा कि रोजगार की धीमी वृद्धि दर का उपभोग पर असर पड़ रहा है. उसने कहा कि वृद्धि दर में इसके बाद सुधार होगा और यह […]

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नयी दिल्ली : मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 2019 के लिए घटाकर 5.6 फीसदी कर दिया. मूडीज ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट में कहा कि रोजगार की धीमी वृद्धि दर का उपभोग पर असर पड़ रहा है. उसने कहा कि वृद्धि दर में इसके बाद सुधार होगा और यह 2020 तथा 2021 में क्रमश: 6.6 फीसदी और 6.7 फीसदी रह सकती है. हालांकि, वृद्धि दर सुधार के बाद भी पहले की तुलना में कम बनी रहेगी. उसने कहा कि हमने 2019 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 5.6 फीसदी कर दिया है, जो 2018 के 7.4 फीसदी से कम है.

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मूडीज ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर की रफ्तार मध्य 2018 के बाद सुस्त पड़ी है और वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर करीब आठ फीसदी से गिरकर 2019 की दूसरी तिमाही में पांच फीसदी पर आ गयी. वृद्धि दर सितंबर तिमाही में और गिरकर 4.5 फीसदी पर आ गयी. उसने कहा कि उपभोग मांग सुस्त हुई है और रोजगार की धीमी वृद्धि दर ने उपभोग पर असर डाला है. हम वृद्धि दर के 2020 और 2021 में सुधरकर 6.6 फीसदी और 6.7 फीसदी पर पहुंच जाने की उम्मीद करते हैं.

मूडीज ने कहा कि कॉरपोरेट कर की दरों में कटौती, बैंकों का पुनर्पूंजीकरण, बुनियादी संरचना पर खर्च की योजनाएं, वाहन एवं अन्य उद्योगों को समर्थन जैसे सरकार के उपायों से उपभोग की मांग की समस्या प्रत्यक्ष तौर पर दूर नहीं हुई है. इसके अलावा, रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दर में की गयी कटौती का लाभ बैंकों ने पर्याप्त तरीके से उपभोक्ताओं तक आगे नहीं बढ़ाया है. आर्थिक सुस्ती तथा वित्तीय क्षेत्र में तरलता संकट के कारण वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री वित्त वर्ष 2019-20 के पहले छह महीनों में 22.95 फीसदी कम हुई है.

गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ने भी नरम मांग तथा सुस्त बाह्य मांग का हवाला देते हुए देश की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6.1 फीसदी से घटाकर पिछले सप्ताह पांच फीसदी कर दिया है. इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी देश की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान सात फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी किया है. विश्वबैंक ने भी यह अनुमान घटाकर छह फीसदी कर दिया है.

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने भी 2019-20 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान इसी सप्ताह 6.5 फीसदी से घटाकर 5.1 फीसदी किया है. सिंगापुर की वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी डीबीएस बैंकिंग समूह ने भी चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 5.5 फीसदी से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया है.

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