US Midterm Elections: भारतीय मूल के नेताओं का जलवा, 5 सांसद चुने गए, अरुणा मिलर भी जीतीं

Updated:
विज्ञापन

अमी बेरा (बाएं ऊपर), अरुणा मिलर (नीचे बाएं), प्रमिला जयपाल (ऊपर दाएं) रो खन्ना (दाएं नीचे), पिया डांडिया (बीच में) फोटो- सोशल मीडिया

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

US Midterm Elections 2026:अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में भारतीय मूल के नेताओं ने एक बार फिर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. पांच भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए हैं, जबकि अरुणा मिलर मेरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर बनी रहेंगी. इनमें डॉक्टर, इंजीनियर, पूर्व शिक्षक और बराक ओबामा के सलाहकार रह चुके नेता भी शामिल हैं. जानिए इन सभी की भारतीय जड़ों और राजनीतिक सफर के बारे में.

विज्ञापन

US Midterm Elections 2026: अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में भारतीय मूल के नेताओं का जलवा दिखा. डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े पांच भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए हैं, जबकि अरुणा मिलर ने मेरीलैंड के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद पर दोबारा जीत दर्ज की है. विजेताओं में अमी बेरा, सुहास सुब्रमण्यम, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल और पिया डांडिया शामिल हैं. इनमें कई नेता पहले से अमेरिकी राजनीति में सक्रिय हैं, जबकि कुछ ने अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने के बाद राजनीति में अपनी पहचान बनाई है. आइए जानते हैं इन छह भारतीय-अमेरिकी नेताओं का राजनीतिक और पारिवारिक परिचय.

विज्ञापन

अमी बेरा: गुजरात से जुड़ी हैं जड़ें, आठवीं बार बने सांसद

डेमोक्रेटिक पार्टी के अमी बेरा ने कैलिफोर्निया के तीसरे कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत हासिल की है. वह लगातार आठवीं बार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा पहुंचे हैं. पहली बार साल 2012 में सांसद चुने गए बेरा पेशे से डॉक्टर रहे हैं. उनका पूरा नाम अमरीश बाबूलाल बेरा है. लॉस एंजिलिस में जन्मे बेरा के माता-पिता गुजरात से अमेरिका जाकर बसे थे. उन्होंने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, इरविन से पढ़ाई की और चिकित्सा की डिग्री हासिल की. राजनीति में आने से पहले बेरा ने 1999 से 2004 तक सैक्रामेंटो काउंटी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के रूप में सेवाएं दीं. वह यूसी डेविस स्कूल ऑफ मेडिसिन में शैक्षणिक कार्यों से भी जुड़े रहे.

सुहास सुब्रमण्यम: ओबामा के पूर्व सलाहकार को दूसरी बार जीत

भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक सांसद सुहास सुब्रमण्यम वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से दोबारा निर्वाचित हुए हैं. साल 2024 में पहली बार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा पहुंचे सुब्रमण्यम पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के सलाहकार रह चुके हैं. ह्यूस्टन में जन्मे सुब्रमण्यम ने ट्यूलेन विश्वविद्यालय से स्नातक और नॉर्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय के प्रित्जकर स्कूल ऑफ लॉ से कानून की डिग्री प्राप्त की. राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के अलावा उन्होंने अपने समुदाय में स्वयंसेवी अग्निशमन कर्मी और आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन के तौर पर भी काम किया है.

रो खन्ना: सिलिकॉन वैली से फिर जीत, एपस्टीन फाइलों को लेकर चर्चा में रहे

रो खन्ना ने कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से दोबारा जीत दर्ज की है. इस क्षेत्र में अमेरिका की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए प्रसिद्ध सिलिकॉन वैली स्थित है. फिलाडेल्फिया में जन्मे खन्ना के माता-पिता भारत से अमेरिका पहुंचे थे. उनके पिता केमिकल इंजीनियर और मां विशेष जरूरतों वाले बच्चों की शिक्षिका थीं.

खन्ना के परिवार का भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से भी संबंध रहा है. उनकी चुनाव प्रचार वेबसाइट के मुताबिक उनके दादा अमरनाथ विद्यालंकार स्वतंत्रता सेनानी थे और ब्रिटिश शासन का विरोध करने के कारण चार साल जेल में रहे थे. रो खन्ना ने रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी के साथ मिलकर जेफ्री एपस्टीन से संबंधित फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई थी.

प्रमिला जयपाल: चेन्नई में जन्म, अमेरिका की पहली दक्षिण एशियाई महिला सांसद

डेमोक्रेटिक नेता प्रमिला जयपाल वाशिंगटन के सातवें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से फिर चुनी गई हैं. इस निर्वाचन क्षेत्र में सिएटल शहर का अधिकांश हिस्सा आता है. साल 1965 में चेन्नई में जन्मी जयपाल महज 16 साल की उम्र में पढ़ाई के लिए अमेरिका चली गई थीं. उन्होंने जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में अध्ययन किया और बाद में नॉर्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री प्राप्त की.

राजनीति में प्रवेश करने से पहले वह अंतरराष्ट्रीय जन स्वास्थ्य, विकास और प्रवासियों के अधिकारों के लिए काम करती थीं. उन्होंने वाशिंगटन में प्रवासी समुदाय के लिए काम करने वाली संस्था 'वनअमेरिका' की स्थापना की. जयपाल पहली बार 2016 में सांसद बनी थीं. वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी जाने वाली पहली दक्षिण एशियाई-अमेरिकी महिला हैं.

पिया डांडिया: स्कूल प्रिंसिपल से अमेरिकी संसद तक का सफर

डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत हासिल की है. पाम बीच काउंटी में जन्मीं और पली-बढ़ीं डांडिया के माता-पिता भारत से अमेरिका जाकर बसे थे. वह न्यूयॉर्क के एक हाईस्कूल में प्रिंसिपल रह चुकी हैं. इसके अलावा उन्होंने व्हाइट हाउस फेलो के तौर पर काम किया और जानी मानी कंपनी एप्पल से भी जुड़ी रहीं.

अरुणा मिलर: आंध्र प्रदेश में जन्म, मेरीलैंड की फिर बनीं लेफ्टिनेंट गवर्नर

भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक नेता अरुणा मिलर ने अमेरिका के मेरीलैंड राज्य में लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में एक और कार्यकाल हासिल किया है. आंध्र प्रदेश में जन्मीं मिलर सात साल की उम्र में अपने परिवार के साथ अमेरिका चली गई थीं. उन्होंने मिसौरी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की. राजनीति में आने से पहले उन्होंने मोंटगोमरी काउंटी के परिवहन विभाग में करीब 25 वर्षों तक सिविल और परिवहन इंजीनियर के रूप में सेवाएं दीं. (एजेंसी इनपुट)

Also Read: ट्रंप रटते रहे जिहादी-जिहादी, अब्दुल अल-सईद बन गए अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola