H-1B वीजा पर ट्रंप की सख्ती, न्यूयॉर्क अस्पताल के 82 में 80 डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

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न्यूयॉर्क के रोचेस्टर जनरल हॉस्पिटल में 80 विदेशी डॉक्टरों की नियुक्ति पर सवाल. अमेरिकी श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल ने वीजा दुरुपयोग की जांच शुरू की. जानें पूरा मामला.

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न्यूयॉर्क के रोचेस्टर जनरल हॉस्पिटल पर H-1B और J-1 वीजा से जुड़े कथित दुरुपयोग के आरोपों को लेकर अमेरिकी श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल की नजर है. सोशल मीडिया पर किए गए एक दावे के मुताबिक, अस्पताल में नियुक्त 82 रेजिडेंट डॉक्टरों में से 80 विदेशी कर्मचारी थे, जिन्हें H-1B या J-1 वीजा के तहत नियुक्त किया गया.

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सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुई हलचल

मामला तब सामने आया, जब ‘Expose H1B Fraud’ नाम के सोशल मीडिया अकाउंट ने दावा किया कि रोचेस्टर जनरल हॉस्पिटल ने 82 रेजिडेंट डॉक्टरों की नियुक्ति की, जिनमें 80 विदेशी नागरिक थे. पोस्ट में यह भी सवाल उठाया गया कि अमेरिकी उम्मीदवारों को रेजिडेंसी के लिए कितना अवसर मिला.

इंस्पेक्टर जनरल एंथनी डी एस्पोसिटो ने पूछा- आंकड़े दिखाइए

अमेरिकी श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल एंथनी डी'एस्पोसिटो ने 28 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस दावे का उल्लेख किया. उन्होंने लिखा, “हमें आंकड़े दिखाइए. कितने रेजिडेंसी स्लॉट एच-1बी और जे-1 वीजा धारकों को मिले? कितने अमेरिकी आवेदकों को उचित मौका मिला?”

ट्रंप के कार्यकारी आदेश का भी किया जिक्र

डी एस्पोसिटो ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश के बाद वीजा से जुड़े कथित दुरुपयोग पर बारीकी से नजर रखी जा रही है. उन्होंने संकेत दिया कि यदि व्यवस्था का गलत इस्तेमाल किया गया है, तो उनका कार्यालय उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की व्हाइट हाउस फ्रॉड टास्क फोर्स के साथ मिलकर काम कर सकता है.

टेक सेक्टर से आगे हेल्थकेयर में भी H-1B की जांच

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब ट्रंप प्रशासन एच-1बी वीजा कार्यक्रम की जांच को पारंपरिक टेक्नोलॉजी सेक्टर से आगे बढ़ा रहा है. अब विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े दूसरे क्षेत्रों पर भी प्रशासन की नजर है.

2027 तक बढ़ाई गईं कुछ H-1B पाबंदियां

18 सितंबर को ट्रंप प्रशासन ने कुछ एच-1बी कर्मचारियों से जुड़ी पाबंदियों को एक और साल के लिए बढ़ा दिया. ये प्रतिबंध 21 सितंबर 2027 तक लागू रहेंगे. नियम के तहत अमेरिका से बाहर मौजूद कुछ एच-1बी कर्मचारियों के प्रवेश के लिए उनकी याचिका के साथ 1 लाख अमेरिकी डॉलर के भुगतान की आवश्यकता है, हालांकि इसमें कुछ अपवाद भी निर्धारित किए गए हैं.

डी एस्पोसिटो बोले- एक साल में बदल सकते है H-1B के रूल

एच-1बी वीजा कार्यक्रम को लेकर डी'एस्पोसिटो ने अमेरिकी कमेंटेटर और यूट्यूबर बेनी जॉनसन के साथ एक इंटरव्यू में भी सख्त रुख का संकेत दिया. उन्होंने कहा कि एक साल बाद एच-1बी वीजा कार्यक्रम का स्वरूप “बहुत अलग” हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन कथित विदेशी श्रम धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई के लिए मामला तैयार कर रहा है.

डी एस्पोसिटो ने कहा-हम मामला तैयार कर रहे हैं

डी एस्पोसिटो ने कहा कि व्हाइट हाउस और प्रशासन का मौजूदा फोकस अमेरिकी जनता के सामने पूरी तस्वीर रखने की दिशा में है. उन्होंने कथित तौर पर कहा, “हम मामला तैयार कर रहे हैं.” उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन की ओर से कार्रवाई के लिए तैयारी की जा रही है.

H-1B नियम तोड़ने पर कार्रवाई के संकेत

इंस्पेक्टर जनरल ने कथित विदेशी श्रम धोखाधड़ी पर सख्त कार्रवाई के संकेत देते हुए कहा कि प्रशासन के पास कार्रवाई के लिए जरूरी कदम उठाने की तैयारी है. हालांकि, रोचेस्टर जनरल हॉस्पिटल के मामले में 82 में 80 विदेशी डॉक्टरों वाला आंकड़ा फिलहाल सोशल मीडिया पर किए गए दावे के रूप में सामने आया है.

क्या है H-1B वीजा?

एच-1बी वीजा अमेरिकी कंपनियों और संस्थानों को विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की अनुमति देता है. हर वित्तीय वर्ष में नए एच-1बी वीजा की सामान्य वार्षिक सीमा 65,000 है. इसके अलावा अमेरिकी उच्च शिक्षण संस्थान से मास्टर डिग्री या उससे अधिक योग्यता रखने वाले लोगों के लिए 20,000 अतिरिक्त वीजा की छूट उपलब्ध है.

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