होर्मुज में अमेरिका की नाकेबंदी, यमन में हूतियों का मिसाइल अटैक; 86 जहाजों का बदला रास्ता, 10 बैलिस्टिक मिसाइलों से बढ़ी टेंशन

Updated:
विज्ञापन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो- पीटीआई

होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नाकेबंदी जारी है, जिससे समुद्री आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. इसी बीच, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है.

विज्ञापन

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका की नाकेबंदी के बीच पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना ईरान के खिलाफ नाकेबंदी को सख्ती से लागू कर रही है. वहीं, यमन में ईरान समर्थित हूती सेना ने 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर हालात और तनावपूर्ण कर दिए हैं.

विज्ञापन

86 कमर्शियल जहाजों का बदला रास्ता

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, 2 सितंबर तक अमेरिकी सेना ने नाकेबंदी के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए 86 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल दिया है. इसके अलावा तीन जहाजों को निष्क्रिय किया गया, जबकि दो जहाजों पर अमेरिकी सैनिकों ने सवार होकर जांच भी की. इससे आपूर्ति श्रृंखलाओं में देरी और लागत में बढ़ोतरी हो सकती है. अमेरिका की यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री आवाजाही पर उसकी कड़ी निगरानी को दिखाती है.

यमन में हूतियों ने दागीं 10 बैलिस्टिक मिसाइलें

जहां एक ओर अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में अपनी समुद्री निगरानी बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर यमन से भी तनाव की खबरें आ रही हैं. इसी बीच यमन में ईरान समर्थित हूती बल ने 10 बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च कीं. यमनी सरकार की सेना के मुताबिक, मिसाइलें पश्चिमी यमन के इलाकों की ओर दागी गईं. इनमें ताइज प्रांत के मोखा शहर और होदेइदाह प्रांत के अल-खोखा जिले को निशाना बनाया गया.

मोखा बना हूतियों के निशाने पर

यमनी सूत्रों के अनुसार, ज्यादातर मिसाइलें मोखा की दिशा में दागी गईं. हाल के हफ्तों में भी मोखा शहर पर हूती सेना की ओर से ड्रोन हमले किए जाते रहे हैं. मिसाइल हमले ऐसे समय हुए हैं, जब यमन में हूती सेना और सरकारी बलों के बीच जमीन पर संघर्ष भी तेज हो गया है.

जमीनी हमले में भी भिड़े हूती और सरकारी बल

सूत्रों के मुताबिक, हूती लड़ाकों ने ताइज में अल-कदहा-अल-बराह इलाके के रास्ते जमीनी हमला भी किया. यमनी सरकारी बलों ने इस हमले का मुकाबला किया और हूती लड़ाकों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया. इससे साफ है कि यमन में तनाव सिर्फ मिसाइल और ड्रोन हमलों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी मोर्चे पर भी टकराव बढ़ रहा है.

होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी से बढ़ी चिंता

होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी कार्रवाई लगातार जारी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना कमर्शियल जहाजों की आवाजाही पर नजर रख रही है और नाकेबंदी को लागू कर रही है. 86 जहाजों का रास्ता बदला जाना, तीन जहाजों को निष्क्रिय करना और दो जहाजों पर सवार होकर जांच करना इसी अभियान का हिस्सा बताया गया है.

होर्मुज से यमन तक बढ़ा तनाव

एक तरफ होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका की नाकेबंदी जारी है, तो दूसरी तरफ यमन में हूतियों के मिसाइल और जमीनी हमले तेज हो रहे हैं. दोनों घटनाक्रमों के बीच पश्चिम एशिया में तनाव और गहराता नजर आ रहा है. समुद्री रास्तों पर अमेरिकी कार्रवाई और यमन में हूतियों की सैन्य गतिविधियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है. उदाहरण के तौर पर, यह तनाव समुद्री व्यापार को बाधित कर सकता है, जिससे तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है.

ये भी पढ़ें: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का होर्मुज पर लगभग पूरा नियंत्रण का दावा, बोले- ईरान को समझौते के लिए मजबूर नहीं कर रहा अमेरिका

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola