बांग्लादेश लौटने को तैयार शेख हसीना: बोलीं- 'मुझे मार सकते हैं, गिरफ्तार कर टॉर्चर भी कर सकते हैं'

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, फोटो - सोशल मीडिया

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शेख हसीना ने कहा कि जोखिमों के बावजूद वो बांग्लादेश लौटने को तैयार हैं. जान का खतरा, गिरफ्तारी और यातना की आशंका के बीच भी उन्होंने वापसी का फैसला किया है.

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Sheikh Hasina Bangladesh Return : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वह तमाम जोखिमों के बावजूद अपने देश लौटने के लिए तैयार हैं. उन्होंने आशंका जताई कि बांग्लादेश पहुंचते ही उन्हें मार दिया जा सकता है, गिरफ्तार किया जा सकता है या प्रताड़ित किया जा सकता है. इसके बावजूद उन्होंने लौटने का फैसला करने की बात कही है.

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सोमवार को वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हसीना ने कहा, “अब मैंने फैसला कर लिया है. हां, मुझे पता है कि अगर मैं वापस गई, तो वहां उतरते ही वे मुझे मार सकते हैं, गिरफ्तार कर सकते हैं या टॉर्चर कर सकते हैं.”

दिसंबर तक बांग्लादेश लौटने का इरादा

शेख हसीना ने इससे कुछ सप्ताह पहले दिसंबर तक अपने देश लौटने की इच्छा जताई थी. हालांकि, ताजा बातचीत में उन्होंने वापसी की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई. सितंबर में हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश का राजनीतिक संकट अनिश्चित समय तक जारी नहीं रह सकता. उन्होंने कहा था कि वापसी की तारीख, समय और प्रवेश का स्थान सही समय पर बताया जाएगा.

2024 के छात्र आंदोलन से जुड़े मामले में मौत की सजा

शेख हसीना को बांग्लादेश में 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में ट्रिब्यूनल ने दोषी ठहराया है. उन्हें उनकी गैरमौजूदगी में सामूहिक हत्या के लिए उकसाने और प्रदर्शनकारियों पर घातक बल इस्तेमाल करने की मंजूरी देने के मामले में भी दोषी ठहराया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई है.

हसीना की अवामी लीग सरकार छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से हट गई थी. इसके बाद अगस्त 2024 से वह भारत में रह रही हैं.

भारत सरकार का जताया आभार

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में हुई वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना ने भारत सरकार और यहां के लोगों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि वह अपना देश छोड़ने के लिए तैयार नहीं थीं, लेकिन हालात के बीच उन्हें भारत आना पड़ा.

हसीना ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ 600 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि उनके मुताबिक, वास्तविक अपराधों के जिम्मेदार लोगों को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने छूट दी है.

बेटे ने तारिक रहमान सरकार पर साधा निशाना

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय भी मौजूद थे. उन्होंने तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार की आलोचना की. जॉय ने अवामी लीग के नेताओं को जेल में डालने और कथित गैर-न्यायिक हत्याओं का मुद्दा उठाया.

दिल्ली में भी कर चुकी हैं प्रेस कॉन्फ्रेंस

बांग्लादेश छोड़ने के बाद शेख हसीना ने इस साल अगस्त में दिल्ली में साउथ एशिया के फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब के एक कार्यक्रम में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. यह सत्ता से हटने के बाद उनकी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस थी. उस दौरान उन्होंने कहा था कि 2024 में उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा, लेकिन वह अपने लोगों से कभी अलग नहीं हुईं.

उन्होंने उस समय भी बांग्लादेश लौटने की तारीख बताने से इनकार किया था और कहा था कि सही समय आने पर जानकारी देंगी.


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