Pitru Paksha 2021: 20 सितंबर से पितृपक्ष की शुरुआत, बिहार के गया में पिंडदान का महत्व क्यों है?
Author Prabhat khabar digital desk
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गया में पिंडदान करने का पौराणिक महत्व है. गया में दुनियाभर के लोग पिंडदान करने पहुंचते है. पितृपक्ष के दौरान गया में पिंडदान करने का अपना महत्व है. हमारे पूर्वज पितृ पक्ष में गया पहुंचते हैं. वो पिंडदान का इंतजार करते हैं. पिंडदान के बाद उन्हें मुक्ति मिल जाती है.
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Pitru Paksha 2021: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है. पितृ पक्ष में पूर्वजों को याद करके उनके प्रति आभार प्रकट किया जाता है. इस साल 20 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू होगा जो अगले 15 दिनों तक चलेगा. पितृ पक्ष यानि श्राद्ध का समापन अमावस्या को होगा. अगर बिहार की बात करें तो पितृ पक्ष में यहां पिंडदान किया जाता है. गया में पिंडदान करने का पौराणिक महत्व है. गया में दुनियाभर के लोग पिंडदान करने पहुंचते है. पितृपक्ष के दौरान गया में पिंडदान करने का अपना महत्व है. हमारे पूर्वज पितृ पक्ष में गया पहुंचते हैं. वो पिंडदान का इंतजार करते हैं. पिंडदान के बाद उन्हें मुक्ति मिल जाती है.
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