चीन और रूस की मदद से एलओसी के लिए 600 टैंक खरीद रहा पाक
Updated at : 31 Dec 2018 8:06 AM (IST)
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अपनी सेना को मजबूत बनायेगा पड़ोसी देश नयी दिल्ली : जहां भारतीय थल सेना के बख्तरबंद रेजीमेंटों का आधुनिकीकरण धीमी गति से चल रहा है, वहीं पाकिस्तान ने रूस से टी-90 समेत 600 युद्धक टैंक खरीदने की महत्वाकांक्षी योजना बनायी है. पाकिस्तान इन टैंकों को भारत से लगी सीमा पर तैनात करेगा. उसकी योजना कुछ […]
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अपनी सेना को मजबूत बनायेगा पड़ोसी देश
नयी दिल्ली : जहां भारतीय थल सेना के बख्तरबंद रेजीमेंटों का आधुनिकीकरण धीमी गति से चल रहा है, वहीं पाकिस्तान ने रूस से टी-90 समेत 600 युद्धक टैंक खरीदने की महत्वाकांक्षी योजना बनायी है. पाकिस्तान इन टैंकों को भारत से लगी सीमा पर तैनात करेगा. उसकी योजना कुछ टैंकों को जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भी तैनात करने की है.
इनमें से ज्यादातर टैंक तीन से चार किमी की दूरी तक के लक्ष्य को भेदने में सक्षम होंगे. पाकिस्तान का मुख्य उद्देश्य भारतीय सीमा पर अपनी लड़ाकू क्षमता को मजबूत बनाना है. सैन्य और खुफिया सूत्रों ने रविवार को बताया कि रूस का टी-90 युद्धक टैंक भारतीय थल सेना का मुख्य आधार है. बीते कुछ साल से पाकिस्तान रूस से हथियारों की खरीदी के अलावा उसके साथ संयुक्त युद्धाभ्यास भी कर चुका है. भारत के लिए यह चिंता की बात है. युद्धक टैंकों के अलावा पाकिस्तानी सेना इटली से 150 एमएम की 245 एसपी माइक-10 भी खरीद रही है. इनमें से 120 तोपें पाकिस्तानी सेना प्राप्त कर चुकी हैं.
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान ने 2025 तक अपने अपने बख्तरबंद बेड़े को मजबूत करने के लिए वैश्विक स्तर पर कम से कम 360 युद्धक टैंक खरीदने का फैसला किया है. इसके अलावा, चीन की मदद से वह 220 टैंकों को स्वदेश में तैयार कर रहा है.
भारतीय थल सेना के बख्तरबंद रेजीमेंटों के आधुनिकीकरण की गति धीमी
भारत के पास टी-90, टी-72 और अर्जुन टैंक
भारतीय थल सेना ने भी अपनी इंफैंट्री और बख्तरबंद कोर का आधुनिकीकरण करने की एक बड़ी योजना बनायी है. हालांकि, 60,000 करोड़ रुपये का ‘फ्यूचरिस्टिक इंफैंट्री कॉम्बैट व्हेकिल’ कार्यक्रम विभिन्न कारणों से अटक गया है. फिलहाल, भारत के बख्तरबंद रेजीमेंटों में मुख्य रूप से टी-90, टी-72 और अर्जुन टैंक शामिल हैं, जिससे उसे पाकिस्तान पर कुछ सर्वोच्चता हासिल है.
पाक से ज्यादा बड़ी है भारत की बख्तरबंद टुकड़ी
भारतीय थल सेना के पास 67 बख्तरबंद रेजीमेंटों है, वहीं पाकिस्तानी थल सेना के पास इसी तरह के 51 बख्तरबंद रेजीमेंट हैं. अभी पाकिस्तान के 70 प्रतिशत टैंक रात में भी संचालित किये जाने की क्षमता रखते हैं. टी-90 टैंकों के अलावा, पाक चीनी वीटी-4 टैंक तथा यूक्रेन से अपलोड-पी टैंक हासिल करने की प्रक्रिया में है.
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