झारखंड में पेट दर्द से तड़पकर प्रवासी मजदूर की मौत, कोरोना के डर से किसी ने हाथ तक नहीं लगाया, हुई बड़ी कार्रवाई

Updated:
विज्ञापन

रांची/हजारीबाग : झारखंड में कोरोना संकट के बीच स्वास्थ्य विभाग का स्याह चेहरा सामने आया है. हजारीबाग जिला में पेट दर्द से तड़प रहे प्रवासी मजदूर की मौत हो गयी, लेकिन किसी ने उसे हाथ तक नहीं लगाया. 11 मई को गुरुग्राम से लौटा यह प्रवासी मजदूर इचाक मोड़ स्थित शिव मंदिर में ठहरा था. पेट में दर्द होने पर उसे सदर अस्पताल में भर्ती किया गया था. स्वाब का सैंपल देने के दौरान 18 मई, 2020 को उसकी मौत हो गयी. 19 मई तक उसका शव हजारीबाग मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पोस्टमार्टम हाउस में रखा था. स मामले में हजारीबाग के सिविल सर्जन और मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक का तबादला कर दिया गया है.

विज्ञापन

रांची/हजारीबाग : झारखंड में कोरोना संकट के बीच स्वास्थ्य विभाग का स्याह चेहरा सामने आया है. हजारीबाग जिला में पेट दर्द से तड़प रहे प्रवासी मजदूर की मौत हो गयी, लेकिन किसी ने उसे हाथ तक नहीं लगाया. 11 मई को गुरुग्राम से लौटा यह प्रवासी मजदूर इचाक मोड़ स्थित शिव मंदिर में ठहरा था. पेट में दर्द होने पर उसे सदर अस्पताल में भर्ती किया गया था. स्वाब का सैंपल देने के दौरान 18 मई, 2020 को उसकी मौत हो गयी. 19 मई तक उसका शव हजारीबाग मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पोस्टमार्टम हाउस में रखा था. स मामले में हजारीबाग के सिविल सर्जन और मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक का तबादला कर दिया गया है.

आपके शहर में

विज्ञापन

Also Read: Coronavirus in Jharkhand LIVE Updates: शराब दुकान से सब्जी बाजार तक में लगी लाइन

दरअसल, इचाक निवासी 22 वर्षीय बैजनाथ राम (पिता – स्व रामेश्वर राम वर्मा) की इलाज के अभाव में मौत हो गयी. घटना 18 मई की रात की है. लॉकडाउन के बीच यह युवक हाल ही में बीमारी की हालत में गुरुग्राम से लौटा था. वह घर जाने की बजाय इचाक मोड़ स्थित शिव मंदिर में ठहरा था. कोरोना की आशंका में पेट दर्द से तड़पते युवक को किसी ने हाथ तक नहीं लगाया.

इधर, हजारीबाग के उपायुक्त भुवनेश प्रताप सिंह ने इस मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से की. इसके बाद लापरवाही बरतने के आरोप में हजारीबाग के सिविल सर्जन डॉ कृष्ण कुमार का तबादला कर दिया गया है.

Also Read: झारखंड में मिले 17 नये कोरोना पॉजिटिव केस, हजारीबाग में सबसे ज्यादा 29 सक्रिय मामले

उनके स्थान पर एसीएमओ डॉ संजय जायसवाल को सिविल सर्जन हजारीबाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वहीं, हजारीबाग मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ केके लाल का तबादला करते हुए उन्हें दुमका मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है. उनकी जगह पर डॉ संजय कुमार सिन्हा को अधीक्षक का प्रभार दिया गया है.

प्रवासी मजदूर बैजनाथ राम 11 मई को गुरुग्राम से लौटा. वह घर जाने के बजाय एहतियात के तौर पर इचाक मोड़ स्थित शिवमंदिर में ठहर गया. वहीं, उसके पेट में दर्द शुरू हो गया. पीसीआर वैन से उसे 11 मई को ही इचाक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे हजारीबाग सदर अस्पताल भेज दिया गया. लेकिन, वहां उसका इलाज नहीं हुआ.

Also Read: झारखंड में 50 फीसदी से ज्यादा कोरोना के मरीज हुए ठीक, चार जिला कोविड19 से मुक्त, रांची में 9 दिन में सिर्फ 10 पॉजिटिव केस

कोरोना के शक में किसी ने उसे छुआ तक नहीं. 18 मई को उसे संत कोलंबा कॉलेज स्टेडियम में स्वाॅब सैंपल लेने के लिए ले जाया गया. इसी दौरान रात 2:30 बजे उसकी मौत हो गयी.

उपायुक्त ने मंगलवार को बताया कि 18 मई को हजारीबाग कटकमदाग शंकरपुर के एक व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने के बाद अब जिले में संक्रमित लोगों की संख्या 26 हो गयी है. उन्होंने गाइडलाइन के संबंध में कहा कि नगर क्षेत्र, कंटेनमेंट जोन को छोड़ व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन किया जा सकता है. इसके लिए चेंबर ऑफ कॉमर्स के साथ बैठ कर स्थानीय स्तर पर प्रारूप तैयार किया जायेगा.

Also Read: झारखंड: हिंदपीढ़ी में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, यहीं से मिले हैं कोरोना के दो पॉजिटिव केस

एसपी कार्तिक एस ने कहा कि पैदल व साइकिल से आनेवाले मजदूरों के लिए वेल्स ग्राउंड और चौपारण के चोरदाहा में शेल्टर कैंप बनाया गया है. लॉकडाउन का उल्लंघन संबंधी 107 एफआइआर किये गये हैं. इनमें 335 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है. 117 लोगों की गिरफ्तारी भी की गयी है.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola