21 साल बाद फेसबुक वीडियो ने मिलाया बिछड़े बेटे को, मां बोलीं- ‘ये तो शंकरवा है’

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21 साल बाद फेसबुक ने बिछड़े बेटे को परिवार से मिलाया

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बिहार के मधुबनी निवासी राम शंकर कुशवाहा 15 साल की उम्र में लापता हो गए थे. 21 साल बाद ग्वालियर पुलिस के फेसबुक वीडियो ने परिवार से मिलवा दिया. मां ने तुरंत पहचान लिया.

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कभी ट्रेन की सवारी का शौक एक किशोर को घर से दूर ले गया था. 21 साल बाद उसी परिवार को एक फेसबुक वीडियो ने फिर से जोड़ दिया. बिहार के मधुबनी जिले के राम शंकर कुशवाहा 15 साल की उम्र में ट्रेन में बैठकर लापता हो गए थे. अब 36 साल की उम्र में वे अपने गांव लौट आए हैं. उनकी मां ने वीडियो देखते ही पहचान लिया और कहा, “ये तो मेरा शंकरवा है.”

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कैसे हुए थे लापता

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2005 में राम शंकर कुशवाहा मधुबनी के महेशपुरा गांव से ट्रेन में सवार हुए. ट्रेन का शौक उन्हें घर से दूर ले गया. परिवार ने सालों तक तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. धीरे-धीरे उम्मीदें कम होने लगीं. शंकर ग्वालियर के एक आश्रम में रहने लगे थे, जहां बेसहारा और लापता लोगों को रखा जाता है.

फेसबुक वीडियो बना माध्यम

ग्वालियर के डीएसपी संतोष पटेल ने आश्रम का दौरा किया और वहां मौजूद लोगों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म फेसबुक पर डाला. वीडियो में शंकर कुशवाहा पारंपरिक पोशाक में नजर आ रहे थे. उन्होंने अपना नाम और बिहार से होने की बात कही. जन्माष्टमी के दिन उनके बड़े भाई ललित की नजर इस वीडियो पर पड़ी. उन्होंने मां को वीडियो दिखाया तो मां तुरंत पहचान गईं.

भावुक हुआ परिवार का मिलन

परिवार ने डीएसपी से संपर्क किया. पहचान की पुष्टि के बाद 7 सितंबर को शंकर को घर लाया गया. गांव में उनका जोरदार स्वागत हुआ. मां लक्ष्मी देवी ने बेटे को गले लगाया तो आंखें नम हो गईं. परिवार के लिए यह पल दोबारा जन्म जैसा था. सोशल मीडिया की एक छोटी सी कोशिश ने दो दशक का इंतजार खत्म कर दिया.

सोशल मीडिया की भूमिका

यह घटना दिखाती है कि सही इस्तेमाल होने पर सोशल मीडिया कितना प्रभावी साबित हो सकता है. पुलिस अधिकारियों द्वारा साझा किए गए वीडियो ने न सिर्फ एक परिवार को जोड़ा, बल्कि कई अन्य लापता लोगों के लिए भी उम्मीद जगाई है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल 1: राम शंकर कुशवाहा कितने साल बाद परिवार से मिले? जवाब: वे 21 साल बाद अपने परिवार से मिल सके.

सवाल 2: उनकी पहचान कैसे हुई? जवाब: ग्वालियर के डीएसपी संतोष पटेल के फेसबुक वीडियो से परिवार ने उन्हें पहचान लिया.

सवाल 3: वे कहां रह रहे थे? जवाब: मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित एक आश्रम में रह रहे थे.


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