इंजीनियरिंग कॉलेज में हमला और तोड़फोड़
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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जीकेसीआइइटी में चार साल बाद भी छात्रों को नहीं मिले सर्टिफिकेट विद्यार्थियों ने तोड़ी मूल्यवान सामग्री 500 बच्चों का भविष्य अंधकारमय चेयरमैन ने केंद्र सरकार से बातचीत करने का दिया आश्वासन मालदा : पास करने के बाद सर्टिफिकेट नहीं दिये जाने से गनीखान चौधरी इंस्टीटय़ूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेकनोलॉजी (जीकेसीआइइटी) में कुछ विद्यार्थियों ने हमला […]
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जीकेसीआइइटी में चार साल बाद भी छात्रों को नहीं मिले सर्टिफिकेट
विद्यार्थियों ने तोड़ी मूल्यवान सामग्री
500 बच्चों का भविष्य अंधकारमय
चेयरमैन ने केंद्र सरकार से बातचीत करने का दिया आश्वासन
मालदा : पास करने के बाद सर्टिफिकेट नहीं दिये जाने से गनीखान चौधरी इंस्टीटय़ूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेकनोलॉजी (जीकेसीआइइटी) में कुछ विद्यार्थियों ने हमला किया. आज सुबह इंग्लिशबाजार थानांतर्गत लक्ष्मीपुर जीकेसीआइइटी कैंपस में तोड़फोड़ की गयी. स्पेशल अफसर इंचार्ज के कार्यालय, रजिस्ट्रार रूम व कंप्यूटर रूम में तोड़फोड़ की गयी. टेबल, कुरसी, कंप्यूटर समेतमहत्वपूर्ण सामग्री तोड़ दी गयी.
इस घटना के बाद आज इस इंजीनियरिंग कॉलेज में पठन-पाठन बंद रहा. दूसरी ओर सर्टिफिकेट नहीं मिलने से विश्वविद्यालय के करीब 500 विद्यार्थियों का भविष्य अंधेरे में है. विद्यार्थियों का कहना है कि चार साल हो गये, अभी तक उन्हें प्रमाण पत्र नहीं दिया गया.
कॉलेज प्रबंधन द्वारा बहानेबाजी की जा रही है. पास करने के बाद सर्टिफिकेट नहीं मिलने से विवि के विद्यार्थी हताश हैं. जनवरी महीने में प्रबंधन को ज्ञापन दिया गया था कि सर्टिफिकेट नहीं देने पर हड़ताल किया जायेगा,लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने विद्यार्थियों के बातों पर ध्यान नहीं दिया. गनीखान चौधरी इंस्टीटय़ूट एंड टेकनॉलोजी के अफसर इंचार्ज प्रशांत सरकार ने बताया कि अगस्त महीने में बोर्ड ऑफ गवर्नेस का मियाद पूरा हो गया है.
कांग्रेस विधायक तथा गनीखान के भाई आबू नासेर खान चौधरी (लेबू)बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के चेयरमैन थे. यह विश्वविद्यालय केंद्र सरकार के ह्यूमैन रिसोर्स डेवलॉपमेंट मंत्रलय के अधीनस्थ होने के कारण बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के चेयरमैन को केंद्रीय शिक्षा मंत्रलय नियुक्त करता है. वर्ष 2010 में गनीखान चौधरी इंस्टीटय़ूट एंड टेकनोलॉजी में पहले सर्टिफिकेट कोर्स व बाद में डिप्लोमा कोर्स चालू हुआ था. एक अगस्त 2014 को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने डिग्री कोर्स का उद्घाटन किया था.
राष्ट्रपति ने ओल्ड मालदा थानांतर्गत नारायणपुर इलाके के निजी कैंपस में बिल्डिंग का भी उद्घाटन किया था. इसी बीच सरकार बदल गयी और उसके बाद से ही गनीखान चौधरी इंजीनियरिंग कॉलेज में समस्या उत्पन्न होने लगी. कुल 13 विषयों में यहां कुल 500 छात्र-छात्रएं पढ़ती हैं. इनमें सात विषयों में डिग्री कोर्स करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 180 है. कुल स्थायी कर्मचारी 50 व अस्थायी कर्मचारी 150 है. शिक्षकों की संख्या 33 है. नये सिरे से धनराशि नहीं आने पर बुनियादी विकास नहीं हो पा रहा है.
कर्मचारियों को वेतन के लाले
अस्थायी कर्मचारियों को बीते तीन महीने से वेतन नहीं मिल रहा है. जिससे सभी कामकाज बंद हो गये है. स्थायी कर्मचारियों को भी वेतन समय पर नहीं मिलता है. इस बारे में गनीखान चौधरी इंस्टीटय़ूट एंड टेकनोलॉजी के पूर्व चेयरमैन आबू नासेर खान चौधरी ने बताया कि समस्या के बारे में केंद्र सरकार को अवगत कराया गया है.
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