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वन विभाग ने संरक्षित गिद्धों को राजाभातखावा में उड़ाया

Updated at : 18 Dec 2019 2:23 AM (IST)
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वन विभाग ने संरक्षित गिद्धों को राजाभातखावा में उड़ाया

वन मंत्री की उपस्थिति में छह गिद्धों को खुले परिवेश में छोड़ा गया देश के दो राज्य ही लगे हैं गिद्धों के संरक्षण में कालचीनी : पश्चिम बंगाल में पहली बार अलीपुरदुआर जिले के कालचीनी प्रखंड स्थित बक्सा बाघ परियोजना के राजाभातखावा जंगल में मंगलवार को छह ग्रिफोन प्रजाति के गिद्धों को खुले परिवेश मे […]

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वन मंत्री की उपस्थिति में छह गिद्धों को खुले परिवेश में छोड़ा गया

देश के दो राज्य ही लगे हैं गिद्धों के संरक्षण में
कालचीनी : पश्चिम बंगाल में पहली बार अलीपुरदुआर जिले के कालचीनी प्रखंड स्थित बक्सा बाघ परियोजना के राजाभातखावा जंगल में मंगलवार को छह ग्रिफोन प्रजाति के गिद्धों को खुले परिवेश मे एक साथ उड़ाया गया. इन दौरान वन मंत्री राजीव बनर्जी, राज्य वन विभाग के प्रमुख रविकांत सिन्हा, बक्सा बाघ परियोजना के फिल्ड डायरेक्टर शुभंकर सेन गुप्ता के अलावे वन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे.
मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार 2006 में वन विभाग की पहल व मुंबई नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के सहयोग से बक्सा बाघ परियोजना के अधीन राजाभातखावा में वल्चर ब्रिडिंग सेंटर को स्थापित किया गया था.
उसी समय से इस प्रजनन केंद्र में प्रायः विलुप्त प्राणी गिद्ध का संरक्षण किया जा रहा है. वर्तमान में इस केंद्र में गिद्धों की संख्या कुल मिलाकर 130 थी. जिनमें लॉन्ग बिल्ड, स्प्लेंडर बिल्ड, वाइट् व्यक बिल्ड जैसे प्रजाति को पहले छोड़ने में वन विभाग को कुछ आशंका हो रही थी. इसीलिए हिमालयन ग्रिफोन प्रजाति के 6 गिद्धों को वन विभाग ने पहले छोड़ना सही समझा. क्योंकि कुछ ऐसी प्रजाति के पक्षी है जो विलुप्त होने के कगार पर हैं.
उन्हें वापस प्रकृति परिवेश में वापस कैसे लाया जाए, इस विषय पर पहले काम किया जाएगा. वहीं राज्य में यह पहले इस तरह कृत्रिम प्रजनन केंद्र से कुल छह गिद्धों को एक साथ प्रशिक्षित करके छोड़ा गया. जिनके शरीर में नई तकनीक के टैग और रेडियो कॉलर लगाया गया है, जिसके माध्यम से उसके ऊपर नजर रखी जाएगी.
इस विषय पर पश्चिम बंगाल के वन मंत्री राजीव बनर्जी ने बताया कि जैसा कि सभी को पता है कि गिद्ध प्राणी आज विलुप्त होने के कगार पर है. यह एक ऐसा प्राणी है जो हमारे लिए काफी लाभदायक एवं हमारे परिवेश के वातावरण को संभालता है. उन्होंने कहा कि आश्चर्य कि बात है कि एक वक्त ऐसा था कि हमारे परिवेश में यह प्राणी प्रचुर मात्रा में देखा जाता था. लेकिन वर्तमान में यह प्राणी लुप्त होने के कगार पर आ गया है. इसीलिए हमारे साथ-साथ पूरा विश्व इसके लिए चिंतित है.
इसे वापस परिवेश में लाने की कोशिश में लगे हुए हैं, लेकिन अब तक कामयाब कोई नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि हमारे भारत देश के समस्त राज्यों में से सिर्फ दो राज्य ऐसा कर दिखाया है. जिनमें से एक बंगाल और दूसरा हरियाणा है. उन्होंने कहा कि हरियाणा ने भी अब तक गिद्धों को नहीं उड़ाया है. लेकिन बंगाल ने इन गिद्धों को उड़ाकर भारत ने पहला स्थान हासिल कर लिया है.
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