बाढ़ और कटाव से संकट में लोग

Updated at : 21 Jul 2019 12:51 AM (IST)
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बाढ़ और कटाव से संकट में लोग

जिला प्रशासन ने राहत के लिये कसी कमर प्रभावित इलाकों में नहीं पहुंची है राहत सामग्री मालदा : रतुआ एक नंबर ब्लॉक अंतर्गत काहाला ग्राम पंचायत के सुर्यापुर इलाके में फुलहार नदी में आयी बाढ़ के बाद कटाव ने नदी के तटवर्ती लोगों के लिये संकट खड़ा कर दिया है. शनिवार तड़के से लेकर नदी […]

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जिला प्रशासन ने राहत के लिये कसी कमर

प्रभावित इलाकों में नहीं पहुंची है राहत सामग्री
मालदा : रतुआ एक नंबर ब्लॉक अंतर्गत काहाला ग्राम पंचायत के सुर्यापुर इलाके में फुलहार नदी में आयी बाढ़ के बाद कटाव ने नदी के तटवर्ती लोगों के लिये संकट खड़ा कर दिया है. शनिवार तड़के से लेकर नदी कटाव से सैकड़ों एकड़ आम बागान नदी में डूब गये हैं. वहीं, काहाला इलाके में फुलहार नदी बांध में दरार दिखने से ग्रामीणों में दहशत है.
अगर यह बांध क्षतिग्रस्त होता है तो रतुआ, हरिश्चंद्रपुर और मानिकचक ब्लॉक का विस्तृत अंचल के डूबने की आशंका है. इस वजह से लोगों की नींद उड़ गयी है. नदी कटाव के चलते काहाला ग्राम पंचायत के सूर्यापुर इलाका सर्वाधिक प्रभावित है. बांध का एक हिस्सा नदी में समा गया है. इस वजह से काहाला और देवीपुर ग्राम पंचायत में दहशत है. सिंचाई विभाग ने युद्धस्तर पर बांध की मरम्मत का काम शुरु हुआ है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि रतुआ एक नंबर ब्लॉक अंतर्गत देवीपुर अंचल में बांध से केवल 50 मीटर की दूरी पर है फुलहार नदी. बांध की मरम्मत का काम चल रहा है हालांकि पानी के बहाव से इसमें कठिनाई हो रही है. पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर 20 सेंटीमीटर बढ़ा है. अभी तक रतुआ एक नंबर ब्लॉक के महानंदाटोला, खासाबन्या, वाणीकांतटोला, कालूटोला गांवों के सैकड़ों परिवार बाढ़ से घिर गये हैं.
वहीं, हरिश्चंद्रपुर दो नंबर ब्लॉक के गोबराघाट, दौलतनगर, तिलजाना, दक्षिण भाकुरिया गांवों के सैकड़ों परिवार बाढ़ से घिर गये हैं. प्रशासन ने दोनों ब्लॉकों के सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी रद कर दी है. प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री भेजने का प्रयास चल रहा है. बचाव कार्य के लिये नावों की व्यवस्था की गयी है. आपदा प्रबंधन बल की टीम इलाके में पहुंची है. आज गंगा का जलस्तर 23.48 मीटर और फुलहार का 27.88 मीटर है.
फुलहार खतरे के निशान से 43 सेंटीमीटर उपर बह रही है. वहीं, महानंदा का जलस्तर 20.19 सेंटीमीटर बढ़ा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जलबंदी लोगों के लिये पेयजल और खाद्य सामग्री का संकट है. खबर लिखे जाने तक राहत सामग्री नहीं पहुंची थी. वहीं, जिलाधिकारी कौशिक भट्टाचार्य ने बताया कि युद्धस्तर पर आपदा के मुकाबले का प्रयास चल रहा है. जलबंदी लोगों को सुरक्षित जगह ले आने की कोशिश चल रही है. राहत सामग्री के वितरण पर नजर रखी जा रही है. आपदा प्रबंधन विभाग रात-दिन काम कर रहा है.
कूचबिहार-1 ब्लॉक की नदियां ऊफान पर
कूचबिहार : कूचबिहार 1 नंबर ब्लॉक के चंदामारी ग्राम पंचायत अंतर्गत बेगुनबाड़ी छड़ा नदी की उत्पत्ति मानसाई नदी से हुई है. पूरे साल तक इसमें पानी कम ही रहता है लेकिन बारिश के समय मानसाई नदी का जलस्तर बढ़ते ही यह विकराल रूप धारण करती है. हर साल बारिश के समय यह नदी आसपास के कई गांवों के घर व फसलों को बहा ले जाती है. इस साल भी लगातार बारिश के कारण बेगुनबाड़ी छड़ा नदी ने भयावह आकार धारन किया है.
इलाके के किसान गणेश भाइमाली ने बताया कि इस नदी का पानी अबतक आसपास के 10 गावों में बाढ़ ला दिया है. इससे जगतजुली, बैराती, काठालबाड़ी, राजपुर सहित विस्तीर्न इलाका प्रभावित हुआ है. हालहीं में कूचबिहार 1 नंबर ब्लॉक के वीडीओ बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर गये. इलाकावासियों ने उनेके पास नदी में स्विच गेट लगाने की मांग उठायी है. ताकी बरसात के समय गांवों को कुछ राहत मिल सके.
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