बेशक मुश्किल लेकिन सच होगा सपना : रियाज

Published at :24 Nov 2017 8:38 AM (IST)
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बेशक मुश्किल लेकिन सच होगा सपना : रियाज

हावड़ा. कभी बम आैर गोलियों की आवाज से दहलने वाली गली अब गुलजार होने जा रही है. गुजरे जमाने में यह इलाका आपराधिक घटनाओं के लिए जाना जाता था, लेकिन बदलते वक्त के साथ-साथ हालात ने करवट ली. यहां की बेटियों को बेहतर शिक्षा मिले, इसके लिए स्कूल ही नहीं, हॉस्टल भी बनाये जा रहे […]

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हावड़ा. कभी बम आैर गोलियों की आवाज से दहलने वाली गली अब गुलजार होने जा रही है. गुजरे जमाने में यह इलाका आपराधिक घटनाओं के लिए जाना जाता था, लेकिन बदलते वक्त के साथ-साथ हालात ने करवट ली. यहां की बेटियों को बेहतर शिक्षा मिले, इसके लिए स्कूल ही नहीं, हॉस्टल भी बनाये जा रहे हैं. स्थानीय पार्षद रियाज अहमद की कोशिश रंग लायी है.

एक करोड़ 11 लाख रुपये की लागत से हॉस्टल बन रहा है, जबकि विभिन्न फंड से स्कूल भवन का निर्माण लगभग हो चुका है. उत्तर हावड़ा का भोट बागान इलाका हावड़ा नगर निगम के वार्ड नंबर 59 के तहत आता है. यहां 70 फीसदी से अधिक आवाम उर्दू भाषी है. निर्माण कार्य आखिरी चरण पर है. बहुत जल्द दोनों भवनों का उद्घाटन किया जायेगा.

वर्ष 2010 में रियाज अहमद पहली बार यहां के पार्षद बने. उन्होंने यहां की छात्राओं के लिए स्कूल खोलने की अर्जी संबंधित विभाग को दी. कोशिश रंग लायी. भोट बागान उर्दू गर्ल्स जूनियर हाइ स्कूल की नींव रखी गयी लेकिन स्कूल के लिए कोई भवन नहीं होने पर दूसरे स्कूल के दो क्लास रूम में कक्षा पांच से लेकर आठ तक पढ़ाई शुरू की गयी. इसी दौरान 14 कट्ठा की एक खाली जमीन एक संस्था की ओर से बाली नगरपालिका को दान दी गयी. पार्षद व तत्कालीन विपक्षी नेता रियाज अहमद ने इस 14 कट्ठा जमीन पर स्कूल आैर हॉस्टल बनाने के लिए पालिका को एक चिट्ठी लिखी. शुरुआत में स्कूल के लिए सात कट्ठा जमीन आवंटित की गयी. स्कूल भवन निर्माण का कार्य शुरू हुआ लेकिन फंड का अभाव था. सांसद, मुख्यमंत्री, अल्पसंख्यक विभाग के अलावा विधायक, सर्व शिक्षा मिशन, मेयर और पार्षद फंड से स्कूल भवन का निर्माण शुरू हुआ.
मेरा सपना था कि अपने वार्ड के बेटियों की शिक्षा के लिए कुछ करूं. सपना आधा पूरा हुआ है, जबकि अभी बहुत कुछ करना बाकी है. फिलहाल आठवीं क्लास तक यहां पढ़ाई होती है लेकिन मेरा सपना है कि यहां स्नातक तक की पढ़ाई हो. यहां एक कमरे में पूरे परिवार के लोग रहते हैं. ऐसे में पढ़ायी करना संभव नहीं है. जिसके लिए हॉस्टल बनाया जा रहा है.
रियाज अहमद, पार्षद, वार्ड नंबर-59.
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