हिंदी के बिना हिंदुस्तान का विकास नहीं : महाप्रबंधक
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :24 Sep 2017 8:33 AM (IST)
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सिलीगुड़ी.भारत की पहचान हिंदी से है.हिंदी के बिना इस देश की कल्पना नहीं की जा सकती. भारत को एक सूत्र में बांधने में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका है. हमें कार्यालयों में भी हिंदी का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए. शनिवार को भारत संचार निगम लिमिटेड की ओर से आयोजित हिंदी पखवाड़ा के समापन समारोह […]
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सिलीगुड़ी.भारत की पहचान हिंदी से है.हिंदी के बिना इस देश की कल्पना नहीं की जा सकती. भारत को एक सूत्र में बांधने में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका है. हमें कार्यालयों में भी हिंदी का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए. शनिवार को भारत संचार निगम लिमिटेड की ओर से आयोजित हिंदी पखवाड़ा के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए विभाग के महा प्रबंधक छिरिंग डुक्पा ने यह बात कही.
उन्होंने कहा की लोगों में हिंदी के प्रति दिलचस्पी बढ़ रही है. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेंट्रल बैंक के हिंदी अधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा की हिंदी के प्रति सभी को संवेदनशील होने की आवश्यकता है. कार्यक्रम के विशेष अतिथि कवि करन सिंह जैन ने कहा कि हिंदी आम आदमी की भाषा है. यह सहज ओर सरल है. आजकल पूरे विश्व में हिंदी सिखने की होड़ लगी है. यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी भाषा है जो सबसे अधिक बोली ,पढ़ी ओर लिखी जाती है.
हिंदी को लेकर देश में किसी तरह की राजनीती होना अच्छी बात नहीं है. हिंदी को आगे बढ़ाने में बंगाल के महपुरुषों ने अनुकरणीय कार्य किया है.कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षक अरुण कुमार त्रिपाठी सहित कई अन्य गणमान्य लोगों ने अपने विचार रखे. समारोह में उपस्तिथ सभी लोगों ने हिंदी अनुवादक कमलेश्वरी कुमार की हिंदी के प्रति सेवा भावना के लिए कृतज्ञता प्रकट की़ इस दौरान पखवाड़ा में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं के सम्मानित किया गया.
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