विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने को घर-घर जाएंगे शिक्षक

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जिले में कुल 2059 प्राथमिक विद्यालय हैं. लगभग सभी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा चौथी तक विद्यार्थियों की कुल संख्या 40 से कम है.

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हावड़ा. जिले के ग्रामीण अंचल स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में अर्से से विद्यार्थियों की कमी एक समस्या बनकर शिक्षा विभाग के सामने आयी है. यही कारण है कि पिछले दो वर्षों में 19 प्राथमिक विद्यालय बंद हो चुके हैं. कई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या काफी कम है. इन विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षकों को आसपास के गांवों में जाकर अभिभावकों से अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भर्ती कराने के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. जानकारी के अनुसार, जिले में कुल 2059 प्राथमिक विद्यालय हैं. लगभग सभी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा चौथी तक विद्यार्थियों की कुल संख्या 40 से कम है. फलस्वरूप, शिक्षकों के पास स्कूल में बैठे रहने के अलावा कोई काम नहीं है. यही कारण है कि शिक्षकों को घर-घर जाकर विद्यार्थियों को अपने स्कूल में लाने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. बताया जा रहा है कि जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या बहुत कम है, वहां से शिक्षकों को उन स्कूलों में भेजा जा रहा है, जहां विद्यार्थी अधिक हैं. बागनान में घोड़ामन्ना प्राइमरी स्कूल में 33 विद्यार्थी हैं. स्कूल के प्रभारी शिक्षक अरूप दास ने कहा कि स्कूल में खेल-कूद, मिड डे मील सहित सभी सुविधाएं हैं. फिर भी छात्रों की संख्या कम है. इसका कारण यह है कि अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भर्ती कराना चाहते हैं.

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