जल जीवन मिशन के तहत दिसंबर तक हुआ 53.64 फीसदी ही काम : सुकांत

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केंद्रीय मंत्री व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने एक्स हैंडल पर रविवार को पोस्ट कर जल जीवन मिशन के राज्य में कामकाज को लेकर आलोचना की

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कोलकाता. केंद्रीय मंत्री व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने एक्स हैंडल पर रविवार को पोस्ट कर जल जीवन मिशन के राज्य में कामकाज को लेकर आलोचना की. संसद में इसे लेकर पूछे सवाल पर मंत्री वी सोमन्ना के जवाब की प्रति भी उन्होंने शेयर किया है. परियोजना का काम समय पर पूरा होगा कि नहीं, इसे लेकर उन्होंने संदेह जताया है. जबकि राज्य सरकार का दावा है कि जल जीवन मिशन का काम तेज गति से चल रहा है. इसे लेकर अलग से कमेटी बना कर इस पर निगरानी रखी जा रही है. कोरोना के दौरान यह काम सुस्त पड़ा था. सरकार का दावा है कि अब यह काम तेज गति से हो रहा है. एक्स हैंडल पर मजूमदार ने लिखा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में बंगाल में एक और सेटबैक देखने को मिल रहा है. जल जीवन मिशन परियोजना के काम में तेजी नहीं देखी जा रही है. ग्रामीण अंचल में हर घर में नल के माध्यम से पानी पहुंचाने के लिए परियोजना शुरू की गयी है. लेकिन काम की अग्रगति काफी चिंताजनक है, जबकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि इस काम में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं का जायेगी. उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार भी इसमें रुपये दे रही है.

उनका आरोप था कि केंद्र से पैसे नहीं मिल रहे हैं. मजूमदार ने लिखा कि 2019 के अगस्त महीने में जब इस परियोजना की शुरुआत हुई थी, उस समय दो लाख 14 हजार ग्रामीण लोगों के घर में नल लगाया गया था. 2024 में दिसंबर महीने में 53.64 फीसदी लोग ही इस सेवा लाभ उठा रहे हैं. अभी भी 46.36 फीसदी काम बाकी है. राज्य सरकार की लापरवाही के कारण ये लोग शुद्ध पानी से वंचित हैं. उन्होंने यह भी लिखा है कि राष्ट्रीय स्तर पर काम का औसत 79.22 फीसदी है. राज्य सरकार को वर्ष 2026 तक काम को खत्म करना होगा.

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