तृणमूल नेता शौकत मोल्ला के बेटे की कैफे पर चला बुलडोजर, ‘अरण्येर कूले’ हुआ ध्वस्त

Author Ashish Jha
Updated:
विज्ञापन

‘अरण्येर कूले’ कैफे पर चला बुलडोजर

Bengal News: स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों तक यह कैफे खुलेआम चलता रहा और किसी ने कार्रवाई नहीं की. लेकिन राजनीतिक बदलाव के बाद अब पुराने मामलों की परतें खुल रही हैं.

विज्ञापन

कोलकाता से अमित शर्मा की रिपोर्ट

विज्ञापन

Bengal News: दक्षिण 24 परगना के कैनिंग इलाके में गुरुवार सुबह प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला के बेटे इमरान मोल्ला के कैफे पर बुलडोजर चला दिया. मौखाली क्षेत्र में स्थित इस कैफे का नाम ‘अरण्येर कूले’ रखा गया था. आरोप है कि कैफेटेरिया को मातला नदी के चर (नदी किनारे की उभरी जमीन) पर अवैध कब्जा करके बनाया गया था. प्रशासन ने पहले ही नोटिस जारी कर निर्माण हटाने का आदेश दिया था, लेकिन तय समय के भीतर मालिक पक्ष ने कोई कदम नहीं उठाया. इसके बाद प्रशासन ने खुद ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया.

मौके पर कई अधिकारी मौजूद

गुरुवार सुबह भारी पुलिस बल और केंद्रीय बल की मौजूदगी में कैफे तोड़ने का काम शुरू हुआ. मौके पर कैनिंग महकमा प्रशासन, पुलिस अधिकारी और जीवनतला थाने के अधिकारी मौजूद रहे. किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा गया. यह कैफे पहली बार तब सुर्खियों में आया जब पूर्व विधायक मोल्ला की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों की नजर उनके परिवार की संपत्तियों पर पड़ी. जांच के दौरान प्रशासन को जानकारी मिली कि इमरान मोल्ला ने अपने पिता के विधायक रहने के दौरान मौखाली पुल के पास सड़क से सटी मातला नदी की जमीन पर यह आलीशान कैफे बनवाया था. आरोप है कि निर्माण के दौरान नियमों और सरकारी अनुमति की पूरी तरह अनदेखी की गयी.

निजी निर्माण की कोई वैध अनुमति नहीं

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इमरान मोल्ला को कैफे से जुड़े सभी दस्तावेज लेकर महकमा शासक (एसडीओ) कार्यालय में पेश होने को कहा गया था. दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि जिस जमीन पर कैफे बनाया गया, वह सिंचाई विभाग की भूमि है और उस पर निजी निर्माण की कोई वैध अनुमति नहीं थी. इसके बाद एसडीओ ने निर्माण को अवैध घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश दिया. बताया गया है कि 29 जून को ही निर्माण हटाने का अंतिम निर्देश दिया गया था. चूंकि मालिक पक्ष ने आदेश का पालन नहीं किया, इसलिए प्रशासन ने सीधे बुलडोजर कार्रवाई की. इस तोड़फोड़ अभियान में आने वाला पूरा खर्च भी मालिक पक्ष से वसूला जायेगा.

हिरासत में हैं पूर्व विधायक मोल्ला

मौखाली में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब तृणमूल के पूर्व विधायक मोल्ला खुद एक अन्य आपराधिक मामले में पुलिस हिरासत में हैं. एक दुष्कर्म मामले में आरोपी के तौर पर वह फिलहाल जीवनतला थाने की हिरासत में हैं. इसी बीच उनके बेटे की अवैध संपत्ति पर कार्रवाई ने इलाके में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज कर दी है. प्रशासन का दावा है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में की जा रही है.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

कब्जा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं

अधिकारियों के अनुसार, नदी की जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. जांच और प्रशासनिक कार्रवाई दोनों समानांतर रूप से नियमों के तहत आगे बढ़ रही हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों तक यह कैफे खुलेआम चलता रहा और किसी ने कार्रवाई नहीं की. लेकिन राजनीतिक बदलाव के बाद अब पुराने मामलों की परतें खुल रही हैं. इस कार्रवाई को लेकर इलाके में व्यापक चर्चा है और लोग इसे अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन के बड़े संदेश के तौर पर देख रहे हैं.

Also Read: कोलकाता : कालीघाट-दक्षिणेश्वर के बीच चलेगी AC ट्राम, राइट्स को मिला सर्वे का काम

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola