गाड़ी पर लटकने का मामला: अभिषेक बनर्जी के जवाब से कोलकाता पुलिस संतुष्ट नहीं, फिर भेजेगी नोटिस

Author Ashish Jha
Updated:
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अभिषेक बनर्जी

Abhishek Banerjee : कार के गेट के बाहर पांव रखकर सुरक्षाकर्मियों को ड्यूटी करने के मामले में अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं. तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव को कोलकाता पुलिस अब एक नया नोटिस जारी करने जा रही है.

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कोलकाता से विकास कुमार गुप्ता

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Abhishek Banerjee: तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने कालीघाट थाने की पुलिस की नोटिस के बाद आखिरकार मोटर व्हीकल एक्ट के उल्लंघन से जुड़े मामले में थाने में दस्तावेज जमा करवा दिये. पुलिस ने पहले उन्हें एक नोटिस भेजकर लगे आरोप से जुड़ी जरूरी दस्तावेज तुरंत कालीघाट थाने में जमा करने को कहा था. जवाब देने के लिए शनिवार की समय-सीमा दी गयी थी. हालांकि, वह समय-सीमा गुजरने के बाद अभिषेक बनर्जी ने एक प्रतिनिधि को भेजकर जांच अधिकारियों को जरूरी कागजात सौंपा. सूत्रों का कहना है कि जांच अधिकारी दिये गये दस्तावेजों से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं.

नये नोटिस में खास दस्तावेज का होगा उल्लेख

पुलिस सूत्रों का दावा है कि जो खास जानकारी मांगी गयी थी, वह नहीं दी गयी. हालात को देखते हुए, पुलिस सूत्र बताते हैं कि पुलिस तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव को एक नया नोटिस जारी करने जा रही है. इस नोटिस में मांगे गये दस्तावेजों में उन कागजातों का खास उल्लेख होगा, जो कि अभिषेक ने अब तक थाने के जांच अधिकारियों को नहीं सौंपा है. यह घटना बागुईहाटी के रहने वाले राजीव सरकार की शिकायत से जुड़ी है.

मोटर व्हीकल एक्ट के उल्लंघन का आरोप

अपनी शिकायत में सरकार ने आरोप लगाया कि दो सुरक्षाकर्मी अभिषेक की गाड़ी पर खतरनाक तरीके से यात्रा कर रहे थे. यह हरकत मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है. उन्होंने एक्ट की धारा 123 का हवाला दिया, जो ड्राइवर या यात्रियों को चलती गाड़ी से लटकने से रोकती है. शिकायत में धारा 184 का भी जिक्र किया गया, जो चलती गाड़ी में खतरनाक तरीके से यात्रा करने को सजा-योग्य अपराध की बात कहती है. इसके बाद, उन्होंने कालीघाट थाने में इसे लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और अभिषेक के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गयी.

दी गयी जानकारी अधूरी

इधर, शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जांच शुरू की. इस सिलसिले में अभिषेक से कई तरह की जानकारी मांगी गयी. उन्होंने खास तौर पर गाड़ी खरीदने की तारीख और ड्राइवर की पहचान व पते के बारे में जानकारी मांगी. इसके अलावा, पुलिस ने गाड़ी से लटके हुए लोगों की पहचान भी पूछी. जवाब में, अभिषेक बनर्जी ने एक प्रतिनिधि के जरिए कालीघाट थाने को अपने आधिकारिक लेटर हेड पर एक पत्र भेजा. हालांकि पुलिस का कहना है कि दी गयी जानकारी अधूरी है. कई आवश्यक जानकारियां गायब हैं.

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कई मामलों में घिरे हुए हैं अभिषेक

अभिषेक बनर्जी पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं. डायमंड हार्बर के सांसद लंबे समय से इडी और सीबीआइ की जांच के दायरे में हैं. हस्ताक्षर में हेराफेरी के मामले और न्यायपालिका के बारे में की गई टिप्पणियों से जुड़े विवादों ने उनकी स्थिति को और मुश्किल बना दिया है. सीआइडी की तरक से डीजे टिप्पणी के मामले में अभिषेक के आवाज के नमूने की जांच करेगी. उम्मीद है कि इस घटनाक्रम से इस मामले में अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें और बढ़ेंगी.

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