कोलकाता : बुजुर्ग महिला के शव के साथ रह रहे थे पति और बेटी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 Jul 2019 2:21 AM
विज्ञापन
कोलकाता : महानगर के सरसुना थाना इलाके में एक अजीबो-गरीब घटना सामने आयी है. रविवार को राखाल मुखर्जी रोड इलाके से पुलिस के डायल 100 पर एक व्यक्ति ने फोन किया. उसने पुलिस को बताया कि 1/1ए, राखाल मुखर्जी रोड स्थित इमारत के एक फ्लैट से तेज दुर्गंध आ रही है, जिसका दरवाजा अंदर से […]
विज्ञापन
कोलकाता : महानगर के सरसुना थाना इलाके में एक अजीबो-गरीब घटना सामने आयी है. रविवार को राखाल मुखर्जी रोड इलाके से पुलिस के डायल 100 पर एक व्यक्ति ने फोन किया.
उसने पुलिस को बताया कि 1/1ए, राखाल मुखर्जी रोड स्थित इमारत के एक फ्लैट से तेज दुर्गंध आ रही है, जिसका दरवाजा अंदर से बंद पड़ा है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फ्लैट के एक कमरे से एक वृद्ध महिला की लाश बरामद की गयी.
लाश सड़ने लगी थी. शव के पास उसके पति और बेटी बैठे हुए थे. पुलिस ने आशंका व्यक्त की है कि वृद्धा की मृत्यु दो-तीन दिन पहले हो गयी होगी, लेकिन पति व बेटी ने घटना के बारे में किसी को नहीं बताया. उन्होंने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया और शव के साथ रह रहे थे.
पति और बेटी की मानसिक हालत ठीक नहीं : मृतका की शिनाख्त छाया चटर्जी (82) के रूप में हुई है. वृद्धा को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसके मृत होने की पुष्टि की.
उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बुजुर्ग की मौत के कारण का पता चल पायेगा. मृतका के पति का नाम वींद्रनाथ चटर्जी और बेटी का नाम नीलांजना चटर्जी है. दोनों की मानसिक हालत ठीक नहीं है.
इधर, रवींद्रनाथ भी लंबे अरसे से बीमार हैं. पुलिस की पूछताछ में वे अजीबो-गरीब जवाब दे रहे हैं. कथित तौर पर नीलांजना ने पुलिस से कहा है कि उसकी मां की मौत नहीं हुई है. वह अस्वस्थ हैं. उन्हें अस्पताल ले जाया गया है. प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने रवींद्रनाथ और नीलांजना को अस्पताल भेज दिया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि रवींद्रनाथ के परिवार में किसी की मानसिक हालत ठीक नहीं है. वे आस-पड़ोस में रहनेवाले लोगों से बात नहीं करते थे. उनके रिश्तेदार उनके घर खाना पहुंचा देते थे. पुलिस सूत्रों के अनुसार, नीलांजना का एक ममेरा भाई है. घटना की सूचना उसे दी गयी है.
पड़ोसी की सूचना पर पहुंची पुलिस
दो-तीन दिन पहले बुजुर्ग महिला की मौत का अंदेशा
पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
परिवार में पहले भी ऐसी घटना हो चुकी है
रवींद्रनाथ के परिवार में पहले भी ऐसी घटना हो चुकी है. इसी वर्ष फरवरी महीने में उनके बेटे दीपांजन (56) की सड़ी-गली अवस्था में उसी फ्लैट से लाश बरामद की गयी थी. शव के पास मां, बाप और बहन तीनों बैठे थे. फ्लैट से दुर्गंध आने पर पड़ोस में रहने वाले लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी. इसके बाद मामले का खुलासा हुआ था.
कोलकाता में ऐसी घटना नयी नहीं
महानगर में ऐसी घटना पहली नहीं है. कुछ वर्ष पहले रॉबिनसन स्ट्रीट में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था. छह माह तक अपने घर के बिस्तर पर बहन देवयानी दे और दो पालतू कुत्तों के कंकाल के साथ पार्थ दे नाम के एक इंजीनियर रहे थे.
बाद में उन्होंने भी आग लगाकर जान दे दी थी. गत वर्ष अप्रैल महीने में एक युवक ने पेंशन की लालच में अपनी मृत मां के शव को तीन साल तक डीप फ्रिजर में रखा था और लगातार पेंशन उठाया करता था.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










