मकाऊट ने तैयार किये छात्रों के ‘मेंटरिंग कार्ड’
Updated at : 11 Jun 2019 2:20 AM (IST)
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माैलाना अबुल कलाम आजाद यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (मकाऊट) के सभी कॉलेजों को छात्रों की गतिविधियों व व्यवहार पर रखनी होगी निगरानी युवाओं को तनावमुक्त रखने के लिए ‘सेंट्रल मॉनिटरिंग सेल’ तैयार कोलकाता : समाज के युवा देश की बहुत बड़ी ताकत है. इस ताकत का सही व पॉजेटिव दिशा में उपयोग करने के लिए माैलाना […]
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माैलाना अबुल कलाम आजाद यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (मकाऊट) के सभी कॉलेजों को छात्रों की गतिविधियों व व्यवहार पर रखनी होगी निगरानी
युवाओं को तनावमुक्त रखने के लिए ‘सेंट्रल मॉनिटरिंग सेल’ तैयार
कोलकाता : समाज के युवा देश की बहुत बड़ी ताकत है. इस ताकत का सही व पॉजेटिव दिशा में उपयोग करने के लिए माैलाना अबुल कलाम आजाद यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (मकाऊट) ने एक नायाब कदम उठाया है. मकाऊट की ओर से एफिलियेटेड सभी कॉलेजों के समग्र मूल्यांकन के लिए विद्यार्थियों के ‘मेंटरिंग कार्ड’ बनाये जा रहे हैं.
यह जानकारी रविवार को मकाऊट के वाइस चांसलर प्रोफेसर सैकत मित्रा ने दी. उन्होंने बताया कि देश के युवा मानव संसाधन का बहुत बड़ा हिस्सा हैं लेकिन मानवीय मूल्यों में आयी गिरावट के कारण युवा अपने लक्ष्य से भटक रहे हैं. उनको सही दिशा-निर्देश नहीं मिल रहा है. वे डिप्रेशन व कुंठा के शिकार हो रहे हैं. उनके अंदर पॉजेटिव एनर्जी भरने के लिए मकाऊट से जुड़े राज्य के 198 कॉलेजों को मेंटरिंग कार्ड तैयार करने का निर्देश दिया गया है. इसके लिए एक फॉरमेट बनाया गया है. उच्च तकनीक की मदद से फोरमेट को ऑनलाइन अपलोड किया गया है.
इसमें मेंटरिंग करने वाले शिक्षक प्रत्येक छात्र का परफोरमेंस, उसका व्यवहार, उसकी समस्या व खासियत का एक रिकार्ड तैयार करेंगे. यह रिकार्ड छात्रों के कोर्स पूरा होने तक मेन्टेन्ड किया जायेगा. इसके लिए फैकल्टी शिक्षकों को ट्रेंड करने के साथ काउंसेलरों व साइकोलोजिस्ट की भी मदद ली जा रही है. मकाऊट द्वारा तैयार मैकेनिज्म में कॉलेजों को मेन्टरिंग रिपोर्ट यूनिवर्सिटी में भेजनी होगी. इस प्रक्रिया में शिक्षकों को छात्रों की मेन्टरिंग करने के साथ यह भी देखना होगा कि छात्र एक्सट्रा करीक्युलर गतिविधियों में भाग ले रहे हैं कि नहीं. संस्थान में छात्रों का समग्र व्यवहार कैसा है, एकेडमिक कार्यो में उनकी उपस्थिति का रिकार्ड व उनके प्रतिदिन की परफोरमेंस पर निगरानी रखी जायेगी.
इसके अलावा मेन्टर्स को इस बात का भी निरीक्षण करना होगा कि छात्र का व्यवहार अन्य विद्यार्थियों के बीच असामान्य तो नहीं है. अगर कोई असामान्य आचरण दिखाई देता है तो मेन्टर्स को इसके पीछे का कारण पता लगाना होगा. मेंटर्स को इस बात की भी निगरानी रखनी होगी कि कहीं कोई छात्र नशे का अभ्यस्त या रैगिंग का शिकार तो नहीं है, अथवा उसकी कोई पारिवारिक समस्या तो नहीं है.
इन बिंदुओं पर पैनी नजर रखने के लिए यहां ‘सेन्ट्रल मोनीटरिंग सेल’ तैयार किया गया है. श्री मित्रा का कहना है कि इसके पीछे मकसद यही है कि युवाओं को सकारात्मक कार्यों में जोड़ कर देश के विकास में भागीदार बनाया जाये. छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों की संवाद क्षमता विकसित करने के साथ मोटीवेशनल सत्र भी आयोजित किये जायेंगे. मकाऊट, शिक्षा व रिसर्च में योगदान के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में उभर रहा है. स्टूडेंट्स वैलफेयर एक्टिविटी प्रोग्राम भी इस मुहिम का हिस्सा हैं.
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