कोलकाता. खदान कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन (इंटक) के महासचिव एसक्यू जमा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपनी कई मांगों को रखा है. 12 सूत्री मांगों वाली विज्ञप्ति के अनुसार खदानों में काम करनेवाले कर्मचारियों को छुट्टी के दिन काम करने पर दुगुना वेतन मिलना चाहिए. इसे पहले की तरह से फिर से लागू करना होगा, इसके साथ ही मृत्यु या मेडिकल अनफिट होने पर नौकरी का प्रावधान पहले के जैसा ही लागू करना होगा. अंडर ग्राउंड भत्ता को फ्रिज ना किया जाये.
न्यूनतम पेंशन राशि एक हजार तर्कहीन है, हमारी राष्ट्रीय मांग तीन हजार रुपये पेंशन की है जबकि कोयला उद्योग में यह वेतन का 50 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए. ठेकेदार श्रमिकों को समान काम समान वेतन लागू होने तक एचसीपी-सीआईएल का वेतनमान दिया जाये तथा उन्हें वार्षिक बोनस दिया जाये. विज्ञप्ति में मांग की गयी है कि कल्याणकारी व सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाये व आईएलओ कनवेंशन 176 को भारत सरकार मान्यता दे. 20 लाख ग्रैच्यूटी 30 जून तक लागू की जाये. लाइफ कवर स्कीम की राशि दुगुनी की जाये.
इसके साथ ही सुपरवाइजर स्टॉफ के ओवर टाइम पर सीलिंग वापस ली जाये. कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए अलग अलग कमेटी गठित की जाये. महिला वीआरएस सभी कंपनियों में समान रूप से लागू किया जाये और खदानों को बंद करने की प्रक्रिया में खदान यूनियन प्रतिनिधियों को सम्मिलित किये बिना कोई निर्णय ना लिया जाय. इस दौरान महासचिव एसक्यू जमा कहते हैं कि मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी मजदूर संगठन हमारी मांगों का समर्थन करें.