1. home Home
  2. state
  3. west bengal
  4. calcutta
  5. who is bjp candidate priyanka tibrewal bhabanipur west bengal by election mamata banerjee amh

Bhabanipur Bypoll: जानिए कौन हैं भाजपा उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल,जो भवानीपुर में ममता बनर्जी को देंगी टक्कर

भले ही राष्ट्रीय स्तर पर प्रियंका का नाम चर्चे में नहीं है, लेकिन पश्चिम बंगाल में वह जाना-पहचाना नाम हैं. प्रियंका टिबरेवाल पेशे से वकील हैं. वह भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) की कानूनी सलाहकार भी रह चुकीं हैं.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
प्रियंका टिबरेवाल पेशे से वकील हैं
प्रियंका टिबरेवाल पेशे से वकील हैं
twitter

Bhabanipur bypoll : पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की चर्चा पूरे देश में हो रही है. सबकी नजर इस सीट पर टिकी हुई है. इस बीच भाजपा में यहां से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. एक ओर ममता बनर्जी आज भवानीपुर में पर्चा दाखिल करने वाली हैं तो वहीं भाजपा ने उनके मुकाबले प्रियंका टिबरेवाल को मैदान में उतारा है.

प्रियंका टिबरेवाल का नाम सामने आने के बाद लोग इनके बारे में जानना चाहते हैं. तो आपको बता दें कि भले ही राष्ट्रीय स्तर पर प्रियंका का नाम चर्चे में नहीं है, लेकिन पश्चिम बंगाल में वह जाना-पहचाना नाम हैं. प्रियंका टिबरेवाल पेशे से वकील हैं. वह भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो की कानूनी सलाहकार भी रह चुकीं हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के मार्गदर्शन में प्रियंका ने अगस्त 2014 में भाजपा पर भरोसा जताया था. वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित हैं और उन्हें अपना आदर्श मानती हैं. यदि आपको याद हो तो प्रियंका विधानसभा चुनाव में एंटली सीट से चुनावी समर में कूदीं थीं, लेकिन उन्हें तृणमूल उम्मीदवार ने करीब 58 हजार वोटों से हरा दिया था. उन्होंने 2015 में कोलकाता नगर निगम चुनाव में वॉर्ड 58 से दावेदारी की थी, लेकिन तब भी उन्हें टीएमसी ने ही परास्त किया था.

भाजपा ने अगस्त 2020 में प्रियंका को भारतीय जनता युवा मोर्चा यानी BJYM का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया. प्रियंका वहीं नाम है जो विधानसभा चुनाव के समय से ही ममता बनर्जी को लगातार कटघरे में खड़ी करतीं दिख रहीं हैं. यदि आपको याद हो तो उनका एक बयान काफी चर्चा में आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि पहले ममता बनर्जी ने सोचा था कि वह दो सीटों से विधानसभा चुनाव लड़ेगीं, लेकिन जब भाजपा ने यह कहा कि वह डर गई हैं तो यह सुनकर ममता दीदी सिर्फ नंदीग्राम सीट पर सिमट गईं.

आगे प्रियंका ने कहा था कि यह योद्धाओं के लक्षण नहीं होते. योद्धा रणभूमि से अपनी जगह छोड़कर भागते नहीं दिखते. यदि इतनी ही सहनशक्ति और अपने आप पर भरोसा होता तो ममता बनर्जी को भवानीपुर से लड़ना चाहिए था.

Posted By : Amitabh KUMAR

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें