शादी के लिए ढाई लाख की निकासी टेढ़ी खीर
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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डेकोरेटर, कुक, बैंडबाजा सहित सभी देनदारों के बैंक डिटेल जरूरी हर भुगतान के बारे में देना होगा पूरा ब्यौरा बैंक अधिकारियों को नोटबंदी के पहले जमा होनी चाहिए राशि, छह में से एक ही निकासी आसनसोल : शादी का लगन इन दिनों जोरो पर है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी के निर्णय से परेशान बढ़ […]
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डेकोरेटर, कुक, बैंडबाजा सहित सभी देनदारों के बैंक डिटेल जरूरी
हर भुगतान के बारे में देना होगा पूरा ब्यौरा बैंक अधिकारियों को
नोटबंदी के पहले जमा होनी चाहिए राशि, छह में से एक ही निकासी
आसनसोल : शादी का लगन इन दिनों जोरो पर है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी के निर्णय से परेशान बढ़ गयी है.रिजर्ब बैंक ऑफ इंडिया ने शादी के लिए दुल्हा-दुल्हन तथा उनके माता-पिता में से किसी एक को ढ़ाई लाख रुपये की निकासी का निर्देश दिया है. अब शादी समारोह में जुटे लोगों के लिए 2.50 लाख की बैंक से मोटी रकम निकासी के लिए लोगों को कई फेरो से गुजरना होगा तभी बैंक से इतनी मोटी रकम एक साथ निकासी हो सकती है.
आसनसोल के विभिन्न बैंकों में बुधवार को कई ऐसे लोग जिनके घरों में आने वाले दिनों में शादी होनी है वैसे लेाग बैंक आकर 2.5 लाख रुपये की निकासी को लेकर जानकारी लेने के लिए पहुंचे. जहां बैंक प्रबंधक ने आरबीआई नियम के तहत स्वयं के निजी खातों में रखे गये रुपये में से 2.5 लाख की लागत की रुपये की निकासी की जानकारी दी गई. जिन्हें जानकारों लोग शादी के लिए इतनी रकम की निकासी कर पाना स्वयं के खातों से बड़ी मुश्किल लग रहा है.
बैंक ऑफ बडौदा के वरीष्ठ शाखा प्रबंधक राजेश कुमार दास ने बताया कि आरबीआई द्वारा जारी दिशा निर्देश के तहत वर, वधू या उनके माता-पिता में से कोई एक ही इस मद में ढ़ाई लाख रुपये की निकासी कर सकता है. निकासी करनेवाले खाताधारक को इसकी लिखित घोषणा करनी होगी कि परिवार का वह इकलौता सदस्य है जो निकासी कर रहा है.
अन्य कोई इसके लिए निकासी नहीं करेगा. इसके साथ ही यह शर्त्त रखी गयी है कि खाता में इतनी रकम नोटबंदी के निर्णय के पहले से जमा होनी चाहिए. पहले खाता धारक से आधार कार्ड, पेन कार्ड, शादी के कार्ड तथा संबंध के प्रमाण पत्र जमा करने थे. लेकिन फर्जी कार्ड छपा कर निकासी करने के बाद आरबीआइ ने इस निकासी को और कड़ा कर दिया है. खाताधारक को निकासी करते समय पूर्ण विवरण देना होगा कि वह इस राशि को किस मद में खर्च करेगा. लिखित देना होगा कि जिन्हें नगद रकम दी जा रही है उनका कोई भी एकाउंट किसी भी बैंक में नहीं है. इसके शात ही उन्हें शादी के आमंत्रण कार्ड, कैटरर, मैरीज हॉल आदि के पेशगी रसीद बैंक को आरबीआई के दिशा निर्देश के तहत देना होगा.
इस निर्णय के बाद इस मद में निकासी करनेवालों की परेशानी बढ़ गयी है. उन्होंने कहा कि शादी के लिए पैसे की व्यवस्था में वे पहले से ही परेशान है. इस राशि के भुगतान के लिए सभी केटरर, डेकोरेटर, बैंड बाजा, वाहन चालकों के बैंक अकाउंट नंबर देना संभव नहीं है.
हर व्यक्ति अपना बैंक अकाउंट नहीं देना चाहता. सभी शादियां मैरेज हॉल में नहीं होती. निम्न मध्यवर्गीय परिवारों के लिए इसे जुगाड़ करना मुश्किल है. उन्होंने कहा कि सही बात तो यह है कि बैंकों के पास रकम तो है नहीं, लेकिन जनता के आक्रोश को देखते हुए प्रधानमंत्री के निर्देस पर इस तरह की घोषणा हो रही है. लेकिन शत्तरे को इतना कठिन किया जाता है कि किसी को राशि मिले ही नहीं. इससे एक तीर से दो निशान किये जा रहे हैं.
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