मेयर पद से इस्तीफा, नेतृत्व ने नकारा

Updated at : 25 May 2019 1:02 AM (IST)
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मेयर पद से इस्तीफा, नेतृत्व ने नकारा

चुनाव प्रचार के दौरान कहा था- जीता नहीं पाने की स्थिति में इस्तीफा रिजल्ट निकलने के बाद ही पार्टी जिलाध्यक्ष वी शिवदासन को सौंपा पत्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, ननि क्षेत्र के विकास पर था भरोसा आसनसोल : आसनसोल संसदीय क्षेत्र से तृणमूल प्रत्याशी मुनमुन सेन की पराजय के बाद आसनसोल के मेयर सह पांडवेश्वर […]

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चुनाव प्रचार के दौरान कहा था- जीता नहीं पाने की स्थिति में इस्तीफा

रिजल्ट निकलने के बाद ही पार्टी जिलाध्यक्ष वी शिवदासन को सौंपा पत्र

सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, ननि क्षेत्र के विकास पर था भरोसा

आसनसोल : आसनसोल संसदीय क्षेत्र से तृणमूल प्रत्याशी मुनमुन सेन की पराजय के बाद आसनसोल के मेयर सह पांडवेश्वर के विधायक जितेन्द्र तिवारी ने मेयर पद से इस्तीफा पार्टी जिलाध्यक्ष वी शिवदासन उर्फ दासू को सौंप दिया. इसकी सूचना उन्होंने पार्टी अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा पार्टी जिला पर्यवेक्षक सह मंत्री अरुप विश्वास को भी दी.

पार्टी नेतृत्व ने इसे खारिज कर पद पर बने रहने का निर्देश दिया है. शुक्रवार को पूरे दिन पूरे नगर निगम इलाके तथा पांडेश्वर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा होती रही. मेयर श्री तिवारी तथा जिलाध्यक्ष श्री दासू ने इसपर कोई टिप्पणी नहीं की. हालांकि मेयर के आवासीय कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों तथा पार्षदों की भीड़ लगी रही.

सनद रहे कि संसदीय चुनाव की घोषणा के बाद मुनमुन सेन को प्रत्याशी बनाये जाने के बाद पार्टी कर्मियों में गहरी निराशा तथा आक्रोश था. भाजपा प्रत्याशी सह केंद्रीय राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो ने उसी समय घोषणा कर दी थी कि उन्हें वाकओवर मिल गया. लेकिन पार्टी नेतृत्व ने तमाम अटकलों को खारिज कर पूरी गंभीरता से चुनाव लड़ने का निर्देश दिया. सभी मंत्री, मेयर तथा बोर्ड अध्यक्ष व उपाध्यक्षों तथा विधायकों को जिम्मेवारी दी गई. उसी समय पार्टी के पार्षदों तथा कर्मियों को संबोधित करते हुए श्री तिवारी ने कहा कि यदि उनके प्रत्याशी की जीत नहीं हुई तो वे मेयर पद से इस्तीफा दे देंगे.

मेयर के रूप में उन्होंने आसनसोल नगर निगम इलाके में रिकॉर्ड विकास का कार्य किया है तथा उनके विरोधी भी इस बात को स्वीकार करते हैं. इधर राज्य सरकार ने भी विकास की कई योजनाएं तथा कल्याणकारी योजनाएं शुरू की थी. मेयर श्री तिवारी को अपेक्षा थी कि इतने विकास तथा पार्टी के जन प्रतिनिधियों की मेहनत के बाद पार्टी की निश्चित जीत होगी. लेकिन मतगणना के बाद स्थिति पूरी तरह पलट गई. वाममोर्चा के 1.70 लाख वोट तथा कांग्रेस के 28 हजार वोट भाजपा की ओर शिफ्ट हो गये. इस कारण वोटों में बढ़त के बाद भी भाजपा 1.93 लाख वोट से जीत गई.

इसके बाद मेयर श्री तिवारी ने मेयर पद से इस्तीफा पार्टी जिलाध्यक्ष को सौंप दिया. इसकी सूचना उन्होंने जिला पार्टी पर्यवेक्षक श्री विश्वास तथा मुख्यमंत्री सुश्री बनर्जी को भेज दी. उनका कहना था कि इतने विकास तथा जनसंपर्क के बाद भी यदि जनमत उनके तथा उनके पार्टी के पक्ष में नहीं है तो उनके इस विकास का कोई औचित्य नहीं रह जाता है और न इस पद पर रहने का कोई अधिकार ही है. उनके इस्तीफे की सूचना मिलते ही कई एमएमआइसी तथा पार्षदों ने भी इस्तीफे की मानसिकता बना मेयर श्री तिवारी को सूचित किया. पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र के कई पार्टी पदाधिकारियों ने भी इस्तीफा का प्रस्ताव रखा.

हालांकि पार्टी नेतृत्व ने इस्तीफे को पूरी तरह से खारिज कर दिया. पार्टी नेतृत्व ने संसदीय चुनाव परिणाम की समीक्षा के लिए शनिवार को कोलकाता में पार्टी नेताओं की राज्यस्तरीय बैठक बुलाई है. उसमें पार्टी की अगली रणनीति की घोषणा की जायेगी.

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