बिगबाजार का अपहृत सेल्स यूनिट हेड बरामद

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पलाशडीहा मोड़ पर पुलिस स्टीकर लगी कार से हुआ था अपहरण नेशनल हाइवे पर ही उसकी बदली गयी थी कार, किया गया बेहोश मालदा स्टेशन के पास अपहरणकर्त्ताओं के चंगुल से निकल भागा पुलिस जांच कर रही उसके बयान की, भाई ने लगाया नामजद आरोप दुर्गापुर : सिटी सेंटर संलग्न पलासडीहा मोड़ से विगत 28 […]

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पलाशडीहा मोड़ पर पुलिस स्टीकर लगी कार से हुआ था अपहरण

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नेशनल हाइवे पर ही उसकी बदली गयी थी कार, किया गया बेहोश
मालदा स्टेशन के पास अपहरणकर्त्ताओं के चंगुल से निकल भागा
पुलिस जांच कर रही उसके बयान की, भाई ने लगाया नामजद आरोप
दुर्गापुर : सिटी सेंटर संलग्न पलासडीहा मोड़ से विगत 28 अप्रैल को लापता बिगबाजार के सेल्स यूनिट हेड रमेश दास (23) को मालदा स्टेशन से बरामद किया गया. मालदा जीआरपी ने उसे दुर्गापुर भेजा. कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे परिजनों को सौंपा गया. रमेश पुरुलिया नगरपालिका अंतर्गत 22 नंबर वार्ड के धबादिही इलाके निवासी हीरालाल दास का पुत्र है. वह पुरुलिया स्थित बिग बाजार शॉपिंग मॉल में कार्य करता था. पिछले नवंबर माह में उसका तबादला सिटी सेंटर स्थित बिगबाजार में सेल्स यूनिट हेड पद पर हुआ था.
29 अप्रैल की सुबह सात बजे रमेश पुरुलिया जानेवाला था. लेकिन 28 अप्रैल की संध्या से ही पलाशडीहा मोड़ के समीप से लापता हो गया. परिजनों की कोशिशों के बाद भी मोबाइल फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा था. 29 अप्रैल को परिजन दुर्गापुर पहुंचे और दुर्गापुर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने जांच शुरू की. 30 अप्रैल की मध्य रात्रि मालदा जीआरपी ने रमेश के परिजन से संपर्क कर उसकी बरामदगी की सूचना दी.दुर्गापुर पुलिस ने मालदा रेल पुलिस से संपर्क स्थापित कर उसे दुर्गापुर ले आई.
इधर रमेश के भाई उत्तम दास ने रंगदारी ना देने के कारण भाई के अपहरण का दावा किया है. उसने बताया कि दुर्गापुर के शॉपिंग मॉल में नियुक्त होने के दो महीने के बाद ही मॉल के ही यूनियन के मनतोष सिकदार ने रंगदारी मांगी थी. रमेश ने परिजनों को इसकी सूचना दी थी. बार-बार रंगदारी मांगने के भय के कारण रमेश को नौकरी छोड़ने की सलाह परिजनों ने दी थी. रमेश 28 अप्रैल को शॉपिंग मॉल से रिजाइन देकर पुरुलिया जानेवाला था. लेकिन 28 अप्रैल को उसका अपहरण कर लिया गया.
रमेश का कहना है कि 28 अप्रैल की शाम सात बजे पलाशडीहा मोड़ के समीप पुलिस स्टीकर लगी कार आकर रुकी. उसमें से निकले दो युवकों ने बलपूर्वक कार में बैठा लिया. कुछ देर के बाद नेशनल हाईवे पर ही उसे दूसरी कार में बैठाया गया. कार में कुल चार युवक मौजूद थे. उसके बाद वह बेहोश हो गया. काफी देर बीत जाने के बाद माइक की आवाज पाकर उसे होश आया. वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से किसी तरह निकल कर स्टेशन परिसर में घुसा तो देखा कि वह मालदा स्टेशन पर है. रेल ऑफिस में घुसने के बाद वह अचेत हो गया. बाद में उसे जीआरपी कार्यालय में होश आया.
दुर्गापुर थाना पुलिस ने बताया कि अपहृत हुए युवक को कानूनी प्रक्रिया के तहत परिजनों को सौंप दिया गया है. फिलहाल यह अपहरण का मामला है अथवा गुमशुदगी का, इसकी जांच की जा रही है.
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