आसनसोल : संसदीय चुनाव में मतदाताओं की सुविधा देने की कवायद शुरू, राज्य चुनाव अधिकारी ने की डीएम संग वीसी
Updated at : 10 Dec 2018 11:52 PM (IST)
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आसनसोल : राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी आरीच आफ़ताब के साथ सोमवार को जिले में चुनाव से जुड़े मुद्दे पर तीन घंटों तक वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद जिलाशासक शशांक सेठी ने अतिरिक्त जिला शासक (चुनाव) अरिंदम राय, आसनसोल सदर के महकमा शासक प्रलय रायचौधरी, दुर्गापुर के महकमा शासक डॉ श्रीकांत, जिले के सभी नौ विधानसभा […]
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आसनसोल : राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी आरीच आफ़ताब के साथ सोमवार को जिले में चुनाव से जुड़े मुद्दे पर तीन घंटों तक वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद जिलाशासक शशांक सेठी ने अतिरिक्त जिला शासक (चुनाव) अरिंदम राय, आसनसोल सदर के महकमा शासक प्रलय रायचौधरी, दुर्गापुर के महकमा शासक डॉ श्रीकांत, जिले के सभी नौ विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक ईआरओ के साथ बैठक की.
मुख्य निर्वाचक अधिकारी के साथ विभिन्न मुद्दे पर हुयी चर्चा की समीक्षा की गयी और मुद्दों पर 13 दिसंबर तक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया. इन सभी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए 18 दिसंबर को कोलकाता में मुख्य निर्वाचक अधिकारी ने बैठक बुलायी है. उसके पहले सभी दस्तावेजों को तैयार करना होगा.
मुख्य चुनाव अधिकारी श्री आफ़ताब ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में कहा कि असियोर्ड मिनिमम फैसिलिटी (एएमएफ) का स्टेटस मोबाइल एप्प के जरिये लोड करना होगा. एएमएफ में बूथ पर पानी, बिजली, शौचालय, रैम, हैंड ग्रिल, प्रवेश और निकासी की अलग व्यवस्था देने का प्रावधान है. कितने बूथों पर इसकी सुविधा है, उन बूथों पर जाकर मोबाइल एप्प में वहीं से फोटो लेकर डालना होगा.
इससे पूरे देश की स्थिति स्पष्ट हो जायेगी कि कितने बूथों पर एएमएफ की सुविधा है. मोबाइल शैडो जोन को चिन्हित करना होगा. चुनाव के दौरान पीठासीन अधिकारी को बूथ से प्रत्येक घंटे की रिपोर्ट जिला चुनाव अधिकारी को भेजनी होती है कि कितना प्रतिशत मतदान हुआ, इसमें पुरुष और महिला का प्रतिशत क्या है आदि जानकारी भेजनी होती है.
कुछ जगहों पर मोबाइल का टॉवर काम नहीं करता है उसे शैडो जोन कहा गया है. शैडो जोन में कितने बूथ है इसे चिन्हित कर सूची तैयार करने को कहा गया. 25 दिसंबर को मतदाता दिवस पर मतदाता जागरूकता को लेकर कार्यक्रम की सूची तैयार करने को कहा गया. ईआरओ नेट के मुद्दे पर चर्चा हुयी कि जिले में एआरओ नेट सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है या नहीं.
एआरओ नेट साफ्टवेयर के जरिये ही मतदाता की सूची जारी होगी. ईवीएम और वीवीपीएटी के मुद्दे पर चर्चा हुयी कि सभी मशीन जिले में पहुंच गए है या नहीं. मशीनों की प्रथम स्तर की जांच पूरी हुयी या नहीं.
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