जिन्होंने न देखी रोशनी, रौशन करते हैं दिवाली को

Updated at : 05 Nov 2018 6:52 AM (IST)
विज्ञापन
जिन्होंने न देखी रोशनी, रौशन करते हैं दिवाली को

आसनसोल : दीपावली पर सेनरेले रोड स्थित आसनसोल ब्रेल एकेडमी के बच्चों द्वारा तैयार की गई रंग-बिरंगी मोमबत्तियां बरबस ही ग्राहकों को अपनी ओर आकृष्ट कर रही हैं. देख सकने में असमर्थ इन बच्चों के जीवन में भले ही अंधेरा हो परंतु यह बताते हुए उनके आंखों की चमक साफ देखी जा सकती है कि […]

विज्ञापन
आसनसोल : दीपावली पर सेनरेले रोड स्थित आसनसोल ब्रेल एकेडमी के बच्चों द्वारा तैयार की गई रंग-बिरंगी मोमबत्तियां बरबस ही ग्राहकों को अपनी ओर आकृष्ट कर रही हैं. देख सकने में असमर्थ इन बच्चों के जीवन में भले ही अंधेरा हो परंतु यह बताते हुए उनके आंखों की चमक साफ देखी जा सकती है कि उनके बनाई मोमबत्तियों से दीपावली में हजारों घर रौशन होंगे.
यूं तो ब्रेल एकेडमी के बच्चों की बनाई मोमबत्तियों की बिक्री पूरे साल होती है परंतु दीपावली के एक सप्ताह पहले से एकेडमी में मोमबत्तियों की खरीदारी के लिए शिल्पांचल के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में ग्राहक, संस्था व विभिन्न संगठनों के लोग पहुंचते हैँ. एकेडमी के शिक्षक मौसमी मंडल, दीपांकर दत्त तथा स्वपन रॉय के मार्गदर्शन में बच्चें मशीन से मोमबत्तियों का निर्माण करते हैँ.
एकेडमी सचिव गोपी कृष्ण दत्त, प्रदीप मजूमदार, ज्योतिर्मय गांगुली ने कहा कि एकेडमी शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन में पूरी सुरक्षा के साथ बच्चे मोमबत्ती बनाने का कार्य करते हैं. दीपावली पर छोटे और बड़े आकार के गुलाब, घड़ा, अनुभूत, सेजूती, दीपक, कनिष्क, टेडिबियर व खिलौने के कई प्रकार की रंग-बिरंगी मोमबत्तियां बनायी जाती हैं.
श्री गांगुली ने कहा कि इसीएल के सीएसआर स्कीम के तहत मोमबत्ती बनाने का कार्य किया जा रहा है. स्कीम में इसीएल के स्तर से हर तरह की सहायता की जाती है. उन्होंने कहा कि दीपावली पर कई प्रकार की रंग-बिरंगी तथा विभिन्न डिजाईन की मोमबत्तियां बनायी जाती हैं. जिसकी तैयारी दो माह पहले से ही की जाती है.
कोलकाता के इंडियन ऑयल के कार्यालय से मोम की खरीदारी की जाती है. रंग, सूते व निर्माण कार्य में प्रयुक्त होने वाले अन्य रसायन भी महानगर से ही खरीदे जाते हैँ. उन्होंने कहा कि बच्चों की बनाई मोमबत्तियों की मांग पहले से बढ़ी है.
आसनसोल, रानीगंज, झारखंड, पुरूलिया, दुर्गापुर आदि इलाकों से सामाजिक संस्थानों के साथ शिल्पांचल से बड़ी संख्या में लोग मोमबत्तियों की खरीदारी करने एकेडमी कार्यालय आते हैँ. उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ बच्चों को रोजगारमूलक प्रशिक्षण भी दिये जाते हैं जो उन्हें बाद में जीविकोपार्जन में सहयोग करते हैँ.
एकेडमी के बच्चों ने कहा कि उन्हें इस बात का बेहद अफसोस है कि वो खुद अपने हाथों से बनाये गये मोमबत्तियों को देख नहीं सकते परंतु इस बात की खुशी है कि उनकी बनाई मोमबत्तियां लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही हैँ और दूर दराज के लोग वहां आकर उनके बनाये सामानों की खरीदारी करते हैँ. बच्चों ने कहा कि त्योहारों पर इस तरह के निर्माण कार्य में व्यस्त रहना अपने आप में एक संतोषजनक अनुभूति है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola