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बर्नपुर विमान पट्टी को उड़ान के लिए विकसित करने की कवायद तेज

Updated at : 31 Oct 2018 3:42 AM (IST)
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बर्नपुर विमान पट्टी को उड़ान के लिए विकसित करने की कवायद तेज

आसनसोल : सेल आईएसपी (बर्नपुर) के अधीन कालाझरिया में स्थित हवाई पट्टी को केंद्र सरकार की उड़ान परियोजना के तहत वाणिज्यिक उड़ान के लिए विकसित करने का निर्णय लिया है. कार्य को जल्द पूरा करने के मुद्दे को लेकर मंगलवार को आसनसोल सदर महकमा शासक कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक हुयी. बैठक में निर्णय हुआ कि […]

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आसनसोल : सेल आईएसपी (बर्नपुर) के अधीन कालाझरिया में स्थित हवाई पट्टी को केंद्र सरकार की उड़ान परियोजना के तहत वाणिज्यिक उड़ान के लिए विकसित करने का निर्णय लिया है. कार्य को जल्द पूरा करने के मुद्दे को लेकर मंगलवार को आसनसोल सदर महकमा शासक कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक हुयी. बैठक में निर्णय हुआ कि उड़ान के रास्ते में आ रही बाधाओं का पुनः सर्वे अगले सोमवार को संयुक्त रूप से किया जायेगा.
सर्वे टीम में एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के अधिकारी, वेस्ट बंगाल स्टेट इलेक्ट्रिक डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (डब्ल्यूबीसीडीसीएल) के अधिकारी, आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (अड्डा) के अधिकारी, भूमि विभाग के अधिकारी, वन विभाग के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, सेल आईएसपी के अधिकारी, आसनसोल नगर निगम के अधिकारी और पुलिस के अधिकारी उपस्थित रहेंगे. सर्वे के आधार पर बाधा को हटाने के खर्च का आकलन कर रिपोर्ट तैयार होगी.
बैठक में आसनसोल सदर के महकमा शासक प्रलय रायचौधरी, एएआई के एसएमई (सी) तुहीन दत्ता, डीजीएम (एटीएम) एमपी अग्रवाल, अधिकारी कुमार आनंद, अड्डा के सहायक कार्यपालक अधिकारी सौम्य चटर्जी, आसनसोल नगर निगम के सचिव प्रलय कुमार सरकार, डिप्टी मजिस्ट्रेट सोमनाथ दत्ता, डिप्टी मजिस्ट्रेट कौशिक मुखर्जी, एसीपी (एसबी) बाप्पादित्य घोष, एसीपी (वेस्ट) शांतब्रत चंद, सेल आईएसपी के जनसंपर्क अधिकारी भास्कर कुमार, एसडीएंडएलआरओ तन्मय राय, बीएलएंडएलआरओ सौम्यजीत बनर्जी, अतिरिक्त जिला वन अधिकारी सुभाष चट्टोपाध्याय आदि उपस्थित थे.
सनद रहे कि केंद्र सरकार उड़ान परियोजना के तहत 46 विमान बंदरगाहों को वाणिज्यिक उड़ान के लिए विकसित करने का कार्य आरंभ किया है. जिसमें सेल आईएसपी का कालाझरिया स्थित विमानपट्टी भी शामिल है. यहां रनवे का कार्य चल रहा है. उड़ान के लिए कुछ बाधाओं को चिन्हित किया गया है. जिसमें 17 बड़े वृक्ष, एक मोबाईल टॉवर, 12 बिजली के पोल, दो आवास की ऊंचाई बाधक के रूप में चिन्हित है. इन बाधाओं को दूर करने को लेकर एएआई ने जिला प्रशासन से सहयोग की अपील की है.
जिसके तहत जिला प्रशासन ने भी अपने स्तर से जांच कर बाधाओं को चिन्हित किया है. महकमा शासक श्री रायचौधरी ने बताया कि प्रथम चरण में बिजली के पोल जिसमें कुछ राज्य सरकार और कुछ अड्डा के हैं. इनकी ऊंचाई कैसे कम की जा सकती है या इन्हें अन्य कहीं शिफ्ट किया जा सकता है या नहीं. शिफ्ट किया जाएगा तो जमीन की स्थिति क्या है, क्या रैयती है या सरकारी है, इसपर डीपीआर बनाना होगा.
जिन बृक्षों को चिन्हित किया गया है, उन्हें पूरा काटना होगा या छांटने से होगा, इसकी पूरी रिपोर्ट सोमवार को निरीक्षण के बाद तैयार की जायेगी.दूसरे चरण में मोबाइल टॉवर और दो आवासों की ऊंचाई को कम करने को लेकर कार्य आरंभ करने का निर्णय सर्वसम्मति से बैठक में लिया गया.
बैठक में जितने भी विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित थे. सभी विभाग के अधिकारियों को लेकर सोमवार को इलाके में जाकर जांच की जायेगी. उसके उपरांत आगे की कार्यवाई होगी.
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