डी कंपनी ने सिलीगुड़ी शहर को बनाया ‘ड्रग्स सेंटर’

Updated at : 20 May 2019 6:55 AM (IST)
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डी कंपनी ने सिलीगुड़ी शहर       को बनाया ‘ड्रग्स सेंटर’

मोहन झा, सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी शहर में डी कंपनी फिर काफी सक्रिय हो गयी है. शहर ड्रग्स कारोबार का डेरा बन गया है. ड्रग्स के कारोबार को चलाने वाला दाउद उर्फ डेविड एक्का के बाद अब तमन्ना सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस का सिर दर्द बन गया है. हालांकि इसके बाद भी पुलिस इस पर हाथ डालने […]

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मोहन झा, सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी शहर में डी कंपनी फिर काफी सक्रिय हो गयी है. शहर ड्रग्स कारोबार का डेरा बन गया है. ड्रग्स के कारोबार को चलाने वाला दाउद उर्फ डेविड एक्का के बाद अब तमन्ना सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस का सिर दर्द बन गया है. हालांकि इसके बाद भी पुलिस इस पर हाथ डालने से कतरा रही है.

12 महिलाओं के सुरक्षा घेरे में रहने वाला ड्रग्स कारोबारी तमन्ना का वर्तमान चेहरा भी पुलिस के पास नहीं है. पुलिस के रडार से दूर रखने में उसका उच्च स्तरीय नेटवर्क की भी अहम भूमिका है. सोना, वन्य प्राण के देहावशेषों, सुपाड़ी व विभिन्न प्रकार के मादकों की तस्करी के लिए चिकननेक कोरीडोर माना जाने वाला सिलीगुड़ी शहर पूरे उत्तर बंगाल में ड्रग्स कारोबार का केंद्र बिंदु बन गया है.
निर्देशानुसार महिलाएं ही करती हैं डी कंपनी का संचालन: शहर के बीच झनकार मोड़ इलाका डी कंपनी के गढ़ में तब्दील हो गया है. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार झनकार मोड़ निवासी तमन्ना ने कारोबार में दाउद को भी पीछे छोड़ दिया है. पुलिस रिकॉर्ड में तमन्ना पुराना दागी है, लेकिन इसके बाद भी पुलिस अब तक इस पर नकेल नहीं कस पाई है.
सूत्रों के अनुसार, तमन्ना ड्रग्स का कारोबार स्वयं नहीं करता है. बल्कि उसके निर्देशानुसार नशे का पूरा कारोबार महिलाएं संभालती है. मादक लाने व पहुंचाने का काम महिलाओं के मार्फत ही कराता है. बल्कि तमन्ना खुद भी 12 महिलाओं के सुरक्षा घेरे में रहता है.
तमन्ना की सुरक्षा में तैनात 12 महिलाएं 24 घंटे उसके निवास इलाके में निगरानी रखती है. यहां तक कि उसके घर से निकलने व घर लौटने के अलावा उसकी गाड़ी, आना-जाना, उठने-बैठने तक का पता लगाना भी पुलिस के लिए चुनौती साबित हो रहा है. 12 महिलाओं के साये में छिप कर डी कंपनी का कारोबार चलाने वाला तमन्ना का नेटवर्क नीचे से लेकर ऊपर तक काफी मजबूत बताया जाता है.
हर जगह बिक रहा है ड्रग्स
ड्रग्स कारोबारियों का डेरा बने सिलीगुड़ी शहर व शहर से सटे बस्ती इलाकों के चाय व पान-बीड़ी की दुकानों में विभिन्न प्रकार के मादक उपलब्ध हैं. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गांजा, हेरोइन, ब्राउन सुगर, चरस, एन-10 व विभिन्न प्रकार की नशीली टैबलेट, अवैध कफ सीरप आदि का जाल सा बिछ गया है.
नशे का यह कारोबार सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट के प्रधान नगर थाना, भक्ति नगर थाना, न्यू जलपाईगुड़ी थाना व सिलीगुड़ी थाना इलाके में धड़ल्ले से चल रहा है. अवैध शराब व ड्रग्स कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के बाद भी पुलिस इसे जड़ से मिटाने में सफल नहीं हो रही है.
इससे पहले शहर के प्रधान नगर थाना अंतर्गत चंपासारी इलाके से डेविड एक्का उर्फ दाउद ड्रग्स का कारोबार चलाता आ रहा था. करीब एक वर्ष पहले ही प्रधान नगर थाना पुलिस ने दाउद को गिरफ्तार किया. इसकी गिरफ्तारी के बाद दाउद ग्रुप के अन्य सदस्यों ने कारोबार को रफ्तार देना चाहा. लेकिन पुलिस ने उस ग्रुप के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर कमर तोड़ दिया. दाउद ग्रुप के टूटते ही अब तमन्ना डी कंपनी का किंग-पिन बन बैठा है.
तमन्ना की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती
बीते दस वर्ष वर्षों से छाती चौड़ी कर तमन्ना शहर में नशे का कारोबार चला रहा है. दाउद के बाद अपनी रफ्तार और तेज करने के बाद भी उसे गिरफ्तार करना पुलिस के सामने एक चुनौती ही बनी हुयी है. प्रधान नगर, सिलीगुड़ी, भक्ति नगर, न्यू जलपाईगुड़ी व माटीगाड़ा थाना पुलिस के विभिन्न अभियान में गिरफ्तार हुए नशा कारोबारी गिरोह के सदस्यों से तमन्ना के जुड़े पाये गयें है, लेकिन पुलिस उसे रंगे हाथों दबोचने में सफल नहीं हुयी है.
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर न्यू जलपाईगुड़ी थाना पुलिस दो बार तमन्ना को दबोचने के लिए अभियान चलाया लेकिन विफल रही. हांलाकि कुछ वर्ष पहले पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था. लेकिन अपने मजबूत नेटवर्क की वजह से वह जल्दी ही पुलिस की गिरफ्त से बाहर आ गया. गिरफ्तारी के इतने वर्ष बाद तमन्ना का चेहरा कैसा है, यह भी पुलिस को पता नहीं है.
क्योंकि गिरफ्तारी के बाद तमन्ना का कोई अपडेट फोटो पुलिस के पास नहीं है. धरल्ले से चल रहे डी कंपनी के कारोबार व तमन्ना की गिरफ्तारी न होने से पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़ा हो गया है. इस संबंध में सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के कोई भी आला अधिकारी बयान देने से कतरा रहे हैं. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पुलिस उसे गिरफ्तार करने का हर संभव प्रयास कर रही है.
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