यूपी में छात्रों का हल्लाबोल: KGMU में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, BHU में दाखिले पर बवाल

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KGMU में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

UP Protest: लखनऊ की KGMU में इंटर्न डॉक्टरों ने मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. वहीं, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में फाइन आर्ट्स प्रवेश में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है.

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UP Doctor Protest: लखनऊ के प्रसिद्ध किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने मानदेय में बढ़ोतरी की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है. अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए चिकित्सकों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. वर्तमान में इन इंटर्न डॉक्टरों को मात्र 12 हजार रुपये प्रति माह स्टाइपेंड दिया जा रहा है. प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि यह राशि अन्य राज्यों की तुलना में बेहद कम है, इसलिए इसे बढ़ाकर तुरंत 30 हजार रुपये किया जाए.

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अन्य राज्यों की तुलना में यूपी के डॉक्टरों की उपेक्षा का आरोप

KGMU के हड़ताली डॉक्टरों का कहना है कि अन्य राज्यों के मुकाबले उत्तर प्रदेश में एमबीबीएस इंटर्न को दिया जाने वाला मानदेय काफी कम है. जहां पड़ोसी राज्य बिहार में 27 हजार रुपये और एम्स (AIIMS) में 30 हजार रुपये से अधिक स्टाइपेंड मिलता है, वहीं यूपी में महज 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं. डॉक्टरों का तर्क है कि दिन-रात 12 घंटे कठिन सेवा देने के बावजूद उन्हें मजदूरों से भी कम दैनिक मानदेय मिल रहा है, जो सरासर अन्यायपूर्ण है.

प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों का समर्थन और पदक विजेताओं का उतरना

KGMU में शुरू हुआ यह आंदोलन केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें लोहिया संस्थान, गोरखपुर और मेरठ सहित उत्तर प्रदेश के कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टर भी शामिल हो गए हैं. आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दीक्षांत समारोह में 19 पदक हासिल करने वाले मेधावी छात्र भी हक की लड़ाई के लिए सड़क पर उतरे हैं. डॉक्टरों की इस एकजुटता ने शासन पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे यह विरोध एक प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है.

अस्पताल में बढ़ा पुलिस बल और स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट

KGMU में डॉक्टरों के बढ़ते विरोध को देखते हुए मुख्य द्वार पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि परिसर की शांति व्यवस्था न बिगड़े. हालांकि, उत्तर प्रदेश के इस सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान में मरीजों का भारी दबाव रहता है. ऐसे में अगर इंटर्न डॉक्टरों की यह हड़ताल लंबी खींचती है, तो मरीजों की देखरेख और दैनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका गंभीर असर पड़ना तय है.

BHU में फाइन आर्ट्स एडमिशन में धांधली पर छात्रों का हंगामा

उधर, वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में बैचलर ऑफ फाइन आर्ट (BFA) की प्रवेश प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी का मामला गरमा गया है. धांधली के गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में आक्रोशित छात्रों ने विश्वविद्यालय के सेंट्रल ऑफिस का घेराव किया. हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर पहुंचे छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान अयोग्य अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने के लिए मनमाने अंक बांटे गए हैं, जिससे योग्य अभ्यर्थियों का चयन प्रभावित हुआ है.

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