हरियाणा से बहकर यूपी पहुंचा कमांडो का शव, मछुआरों के जाल में फंसा जवान; 25 घंटे बाद खुला राज

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सैन्य की मॉकड्रिल के दौरान लापता युवक का शव 25 घंटे बाद बरामद हुआ

UP News: हथिनीकुंड बैराज में मॉक ड्रिल के दौरान नदी में बहे पैरा कमांडो का शव 25 घंटे की तलाश के बाद उत्तर प्रदेश के बरथा कोरसी गांव में मिला. तेज बहाव के कारण कमांडो के यूपी पहुंचने की आशंका है, जबकि दूसरे जवान का शव जींद में मिला.

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Hathinikund Barrage Commando News: हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज में सेना की मॉक ड्रिल के दौरान लापता हुए पैरा कमांडो का शव उत्तर प्रदेश के बरथा कोरसी गांव में मिला है. करीब 25 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद मछुआरों के जाल में शव फंसा मिला. तेज बहाव के कारण कमांडो के बहकर यूपी पहुंचने की आशंका जताई गई. इस घटना के बाद UP में भी सर्च ऑपरेशन तेज किया गया था.

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यूपी के बरथा कोरसी में मिला कमांडो का शव

हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज में मॉक ड्रिल के दौरान नदी के तेज बहाव में बहे एक कमांडो का शव यूपी के बरथा कोरसी गांव में मिला. बताया गया कि मछुआरे नदी में जाल डाल रहे थे, तभी उसमें शव फंस गया. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव टीम मौके पर पहुंची. शव की पहचान सेना के जवान के रूप में की गई. इसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.

25 घंटे बाद मछुआरों के जाल में फंसा शव

कमांडो के लापता होने के बाद सेना, NDRF, SDRF और पुलिस की टीमें लगातार तलाश में जुटी थीं. हथिनीकुंड बैराज के आसपास करीब 20 किलोमीटर के दायरे में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था. इसी दौरान करीब 25 घंटे बाद यूपी के बरथा कोरसी गांव में मछुआरों के जाल में शव फंसा मिला. इससे साफ हुआ कि तेज बहाव कमांडो को हरियाणा से बहाकर यूपी की सीमा तक ले आया था.

चिनूक से नदी में कूदे थे पांच पैरा कमांडो

हादसा मंगलवार शाम करीब पांच बजे सेना की मॉक ड्रिल के दौरान हुआ. ट्रेनिंग के तहत पांच पैरा कमांडो ने चिनूक हेलीकॉप्टर से नदी में छलांग लगाई थी. इसी दौरान नदी का तेज बहाव मुश्किल बन गया. कमांडो जिस नाव में सवार थे, वह भी तेज धारा की वजह से पलट गई. हादसे के बाद तीन जवान सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे, जबकि दो कमांडो लापता हो गए.

हथिनीकुंड से यूपी तक पहुंचा सर्च ऑपरेशन

दो जवानों के लापता होने के बाद रेस्क्यू टीमों ने हथिनीकुंड बैराज के आसपास तलाशी शुरू की. नदी के बहाव को देखते हुए सर्च ऑपरेशन का दायरा लगातार बढ़ाया गया. यूपी की तरफ भी संभावित इलाकों पर नजर रखी गई. इसी दौरान बरथा कोरसी गांव में मछुआरों के जाल में कमांडो का शव मिलने से सर्च ऑपरेशन को अहम सफलता मिली.

दूसरे जवान का शव जींद नहर में मिला

इस हादसे में लापता दूसरे जवान की भी तलाश जारी रही. करीब 45 घंटे बाद उसका शव जींद में सब्जी मंडी के पीछे नहर में मिला. बताया गया कि दूसरा जवान महाराष्ट्र का रहने वाला था. इस तरह सेना की मॉक ड्रिल के दौरान लापता हुए दोनों कमांडो के शव अलग-अलग जगहों से बरामद हुए. एक शव यूपी के बरथा कोरसी और दूसरा हरियाणा के जींद में मिला.

नाहन ट्रेनिंग स्कूल से आए थे कमांडो

मॉक ड्रिल में शामिल पांचों पैरा कमांडो हिमाचल प्रदेश के नाहन स्थित आर्मी ट्रेनिंग स्कूल से आए थे. ट्रेनिंग के दौरान चिनूक हेलीकॉप्टर से नदी में उतरने का अभ्यास किया जा रहा था. लेकिन हथिनीकुंड बैराज में पानी के तेज बहाव के कारण स्थिति अचानक बिगड़ गई और नाव पलटने से दो जवान नदी में बह गए.

यूपी में शव मिलने से सामने आया बहाव का असर

बरथा कोरसी गांव में शव मिलने के बाद इस हादसे का यूपी कनेक्शन सामने आया. हथिनीकुंड बैराज से निकले पानी के तेज बहाव ने कमांडो के शव को हरियाणा से यूपी तक पहुंचा दिया. मछुआरों के जाल में शव मिलने की घटना ने स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया. इसके बाद सेना और बचाव एजेंसियों की ओर से शव की पहचान और आगे की कार्रवाई की गई.

सेना की मॉक ड्रिल बनी दर्दनाक हादसे की वजह

जिस अभ्यास का मकसद कमांडो की ट्रेनिंग और आपात स्थिति से निपटने की क्षमता को मजबूत करना था, वही हादसे में बदल गया. पांच जवानों के नदी में उतरने के दौरान नाव पलट गई और दो कमांडो तेज बहाव में बह गए. कई घंटे की तलाश के बाद एक शव यूपी के बरथा कोरसी में और दूसरा जींद की नहर में मिला. घटना ने सेना के जवानों और उनके परिवारों को गहरा सदमा दिया.

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