हर 7 मिनट में एक महिला की मौत, जानिए सर्वाइकल कैंसर रोकने के लिए क्या है यूपी सरकार का 'डोर-टू-डोर' प्लान?
यूपी सरकार का 'डोर-टू-डोर' प्लान (AI)
उत्तर प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ घर-घर HPV टीकाकरण अभियान शुरू. 25 लाख बालिकाओं को टीका लगने के बाद, छूटी हुई किशोरियों तक पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम. जानें नई पहल.
UP HPV Vaccination: उत्तर प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ टीकाकरण अभियान को और विस्तार देने की तैयारी है. केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित 25 लाख बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य पूरा होने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग उन पात्र किशोरियों तक पहुंचेगा, जो किसी कारण से स्वास्थ्य केंद्रों पर एचपीवी (HPV) वैक्सीन नहीं लगवा सकीं. इसके तहत 14 साल की आयु पूरी कर चुकीं, लेकिन 15 साल से कम उम्र की छूटी हुई बालिकाओं को घर-घर जाकर वैक्सीन लगाने की तैयारी है.
25 लाख से ज्यादा बच्चियों का हो चुका टीकाकरण
राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत प्रदेश में अब तक 25 लाख से अधिक बच्चियों को एचपीवी वैक्सीन दी जा चुकी है. केंद्र सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश के लिए 25 लाख बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे पूरा कर लिया गया है. अब अभियान से छूट गई पात्र बालिकाओं की पहचान कर उन्हें टीका लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाएंगी. सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में माता-पिता की सहमति से निश्शुल्क टीकाकरण की सुविधा भी जारी है.
निजी अस्पतालों में महंगी है वैक्सीन, इसलिए घर-घर अभियान
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, निजी अस्पतालों में एचपीवी वैक्सीन की कीमत अधिक होने के कारण कई परिवार अपनी बेटियों का टीकाकरण नहीं करा पाते हैं. ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा घर-घर निश्शुल्क टीकाकरण के जरिये छूटी हुई पात्र बालिकाओं तक वैक्सीन पहुंचाने की योजना बनाई गई है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा दिए गए 25 लाख बच्चियों के टीकाकरण के लक्ष्य को प्रदेश ने पूरा कर लिया है. अब किसी कारण से टीकाकरण से वंचित पात्र बालिकाओं को वैक्सीन देने के लिए टीमें घर-घर जाएंगी.
एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण
एचपीवी संक्रमण को सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है. किशोरावस्था में समय पर एचपीवी वैक्सीनेशन कराने से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है. इसी उद्देश्य से टीकाकरण के साथ लोगों को बीमारी और वैक्सीन के प्रति जागरूक करने का अभियान भी चलाया जा रहा है. भारत में हर साल करीब 1.28 लाख महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के नए मामले सामने आते हैं, जबकि करीब 80 हजार महिलाओं की इस बीमारी से मौत होती है. नए मामलों और मौतों के औसत के आधार पर करीब हर सात मिनट में एक महिला की जान जाने की बात सामने आती है.
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