UP Flood: नेपाल के पानी से सरयू बनी काल! बाराबंकी में मंदिर-मस्जिद और घर नदी में समाए, बाबा नारायण दास धाम पर खतरा
नेपाल के पानी से सरयू बनी काल, बाराबंकी में मंदिर-मस्जिद और घर नदी में समाए (AI)
UP Flood: सरयू नदी का रौद्र रूप! बाराबंकी में कटान से घर, मस्जिद, मंदिर समाए. 1100 साल पुराना बाबा नारायण दास धाम भी खतरे में. जानिए पूरी स्थिति.
UP Flood: नेपाल से आए पानी और लगातार बारिश के बीच सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से बाराबंकी में हालात बिगड़ गए हैं. रामनगर तहसील के हेतमापुर में सरयू का कटान तेज हो गया है. नदी की धार में कई मकान समा चुके हैं. मस्जिद और शंकरजी मंदिर भी कटान की चपेट में आ चुके हैं. अब करीब 1100 साल पुराने बताए जा रहे बाबा नारायण दास धाम पर भी खतरा मंडरा रहा है. बताया जा रहा है कि शनिवार रात तक स्थिति अपेक्षाकृत सामान्य थी, लेकिन रात करीब दो बजे नदी के बहाव और कटान ने अचानक रफ्तार पकड़ ली. देखते ही देखते नदी किनारे की जमीन कटने लगी. सबसे पहले नदी के मुहाने पर बनी मस्जिद का हिस्सा धारा में समाया. इसके बाद शंकरजी मंदिर भी कटान की चपेट में आ गया. कटान बढ़ने के साथ आसपास के मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा.
आंखों के सामने उजड़ रहे आशियाने
सरयू की तेज धार से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. जिन घरों को लोगों ने वर्षों की मेहनत से बनाया था, वे अब नदी के मुहाने पर खड़े हैं. कई परिवारों ने खतरे को देखते हुए घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है. कुछ ग्रामीण अपने पक्के मकानों को खुद तोड़कर उसमें लगी सामग्री बचाने की कोशिश कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि सरयू के कटान का ऐसा विकराल रूप लंबे समय बाद देखने को मिला है. नदी लगातार आबादी की ओर बढ़ रही है, जिससे आने वाले समय में और मकानों के प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है.
बाबा नारायण दास धाम भी कटान की जद में
हेतमापुर में सरयू का कटान अब बाबा नारायण दास की तपोस्थली की ओर बढ़ रहा है. धाम के निचले हिस्से का लिंटर नदी की धारा में समा चुका है. धार्मिक स्थल को बचाने के लिए बाढ़ विभाग की ओर से बोल्डर, पत्थर और ईंटों से भरी बोरियां लगायी गयी हैं. हालांकि तेज बहाव के कारण कटान रोकने में विभाग को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों के लिए यह सिर्फ बाढ़ का संकट नहीं है. नदी की कटान उनकी आस्था और वर्षों से बसे आशियानों के सामने भी चुनौती बनकर खड़ी हो गयी है.
पशु अस्पताल की बाउंड्री भी नदी में समायी
सरयू के कटान की चपेट में हेतमापुर का पशु अस्पताल भी आ गया है. अस्पताल की बाउंड्रीवाल नदी में समा चुकी है. खतरे को देखते हुए अस्पताल को खाली कराया गया और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया.
पूरनपुर में भी कई घर प्रभावित
सरयू के दूसरे छोर पर बसे पूरनपुर में भी कटान ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. यहां कई मकान नदी की धारा में समा चुके हैं. कुछ परिवारों के सामने अब रहने के लिए सुरक्षित जगह और घरेलू सामान बचाने की चुनौती है. ग्रामीणों का कहना है कि नदी का कटान इसी तरह जारी रहा, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.
मौके पर पहुंचा प्रशासन, बचाव कार्य तेज
हालात की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और बाढ़ विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं. अधिकारियों ने कटान प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी. प्रभावित परिवारों तक जरूरी मदद पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है. नदी के जलस्तर और कटान पर लगातार नजर रखी जा रही है.
सरयू की धार इस समय बाराबंकी के हेतमापुर में सिर्फ खेत और जमीन ही नहीं काट रही, बल्कि लोगों के घर, धार्मिक स्थल और वर्षों पुरानी यादें भी अपने साथ बहा रही है. अब सबसे बड़ी चुनौती बाबा नारायण दास धाम समेत आसपास के आबादी वाले क्षेत्र को नदी के तेज कटान से बचाने की है.
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