बलिया में सरयू नदी के निशाने पर तीन गांव, 10-15 मीटर दूर रह गई बस्तियां, अब 46 करोड़ के लागत से बनेगा बांध

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सरयू नदी के किनारे बढ़ा कटाव (AI Image)

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बलिया के तीन गांवों में सरयू नदी का विनाशकारी कटाव लोगों के जीवन पर भारी पड़ रहा है. घरों के उजड़ने का खतरा मंडरा रहा है, वहीं 46 करोड़ के बांध की योजनाएं लोगों को राहत की उम्मीद दे रही हैं.

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Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया में सरयू नदी का कटाव लोगों के लिए मुसीबत बन गया है. कहीं घर नदी में समा चुके हैं, तो कहीं लोगों के आशियाने अब नदी से महज 10 से 15 मीटर दूर रह गए हैं. शिवाल, गोपालनगर और वशिष्ठ नगर के ग्रामीणों को हर दिन अपना घर उजड़ने का डर सता रहा है. इस खतरे को देखते हुए बाढ़ विभाग ने 46 करोड़ 8 लाख रुपये की लागत से 10 किलोमीटर लंबा रिंग बंधा बनाने की योजना तैयार की है. इसके अलावा गंगा और सरयू की कटान रोकने के लिए करीब 300 करोड़ रुपये की परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं. हालांकि, इन योजनाओं पर काम शुरू होने के लिए अभी मंजूरी का इंतजार है.

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5 साल में 465 परिवारों के उजड़ गए आशियाने

सरयू नदी की कटान ने शिवाल और गोपालनगर के कई परिवारों से उनका घर छीन लिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, शिवाल गांव में पिछले तीन वर्षों में 35 लोगों के घर नदी में समा चुके हैं. वहीं, गोपालनगर ताड़ी में पांच वर्षों के दौरान 465 लोगों के आशियाने नदी की धारा में बह गए. अब भी दोनों गांवों के दर्जनों परिवारों के घर कटान के मुहाने पर हैं. ऐसे में ग्रामीणों की चिंता है कि अगर जल्द कटान नहीं रुकी तो उन्हें फिर अपना घर छोड़ना पड़ सकता है.

10 मीटर दूर रह गईं गांव की बस्तियां

बैरिया तहसील क्षेत्र के वशिष्ठ नगर और गोपालनगर में सरयू नदी का कटाव लगातार जारी है. स्थिति देखने के लिए न्यायिक उपजिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार यादव और नायब तहसीलदार उदयराज रत्न मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि महज पांच-पांच मिनट के अंतराल पर जमीन का बड़ा हिस्सा नदी में समा रहा है. निरीक्षण में सामने आया कि दोनों गांवों की बस्तियां कटान वाले हिस्से से महज 10 से 15 मीटर दूर हैं. ग्रामीणों ने अधिकारियों से घरों और बस्तियों को बचाने के लिए जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की. इस पर न्यायिक उपजिलाधिकारी ने कटान की स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर बाढ़ विभाग और उच्चाधिकारियों को भेजने का आश्वासन दिया.

46 करोड़ से बनेगा 10 किलोमीटर लंबा रिंग बंधा

ग्रामीणों को कटान से राहत दिलाने के लिए बाढ़ विभाग ने रिंग बंधा बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है. इस पर 46 करोड़ 8 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है. सहायक अभियंता आकाश यादव के मुताबिक, करीब 10 किलोमीटर लंबा यह रिंग बंधा सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन के पास निष्प्रयोज्य पुरानी रेलवे लाइन से होकर गुजरेगा. यह शिवाल, गोपालनगर और वशिष्ठ नगर की बस्तियों को सुरक्षित करते हुए देवपुर मठिया के पास टीएस बंधे से जुड़ेगा.

300 करोड़ की परियोजनाओं पर भी टिकी नजर

बलिया डिविजन के अंतर्गत चारों सबडिविजन में गंगा और सरयू नदी की कटान रोकने के लिए करीब 300 करोड़ रुपये का डीपीआर तैयार किया गया है. इसमें बंधों की मरम्मत, स्पर निर्माण और कटानरोधी कार्य शामिल हैं. बृहस्पतिवार को इन परियोजनाओं का डीपीआर मुख्य अभियंता की बैठक में पेश किया गया. अधिशासी अभियंता इं. संजय कुमार मिश्र के अनुसार, मुख्य अभियंता से स्वीकृति मिलने के बाद प्रस्ताव लखनऊ में होने वाली टीएसी की बैठक में भेजे जाएंगे. वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही परियोजनाओं पर काम शुरू हो सकेगा. फिलहाल ग्रामीणों को इंतजार है कि कागजों पर तैयार ये योजनाएं कब जमीन पर उतरेंगी और उनके घरों को नदी की कटान से कब राहत मिलेगी.

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