दो वर्ष में खुले एक दर्जन नये बैंक, सुरक्षा शून्य

Updated at : 18 May 2017 6:10 AM (IST)
विज्ञापन
दो वर्ष में खुले एक दर्जन नये बैंक, सुरक्षा शून्य

चक्रधरपुर : दो साल के अंतराल में चक्रधरपुर में एक दर्जन नये बैंक खुले हैं. लेकिन इन बैंकों में सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है. निजी कंपनियों के सुरक्षा कर्मियों के सहारे ही बैंक संचालित हो रहे हैं. केवल भारतीय स्टेट बैंक शाखा में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था कही जा सकती है. हाल के […]

विज्ञापन

चक्रधरपुर : दो साल के अंतराल में चक्रधरपुर में एक दर्जन नये बैंक खुले हैं. लेकिन इन बैंकों में सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है. निजी कंपनियों के सुरक्षा कर्मियों के सहारे ही बैंक संचालित हो रहे हैं. केवल भारतीय स्टेट बैंक शाखा में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था कही जा सकती है. हाल के दिनों में चक्रधरपुर में एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, ओवरसीज बैंक, आइसीआइसीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, आंध्रा बैंक, यूनियन बैंक आदि खुले हैं.

पूर्व से संचालित अथवा वर्तमान में खुले बैंकों में सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है. एसआईएस निजी कंपनी से सुरक्षा कर्मियों को हायर कर अथवा स्थानीय स्तर से दैनिक भुगतान पर सुरक्षा कर्मी तैनात कर बैंकों की सुरक्षा का काम लिया जा रहा है. निजी बैंकों में केवल आइसीआइसीआइ में एक बंदूकधारी निजी सुरक्षा कर्मी सेवा देता है. शेष निजी बैंकों में बंदूकधारी सुरक्षा कर्मी नहीं हैं. किसी भी एटीएम में बंदूकधारी सुरक्षा कर्मी नहीं रहता है.

चक्रधरपुर में संचालित बैंक: पंजाब नेशनल बैंक आसनतलिया, भारतीय स्टेट बैंक, एक्सीस बैंक, केनरा बैंक, सिंहभूम ओरिएंटल बैंक, एचडीएफसी बैंक, सिंहभूम ग्रामीण बैंक, ओवरसीज बैंक, आइसीआइसीआइ, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, आंध्रा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक, दी सिंहभूम डिस्ट्रीक्ट ग्रामीण बैंक हैं. इसके अलावे पैसों का लेन देन एलआइसी, पोस्ट ऑफिस, रिलायंस में होता है. इसके अतिरिक्त एक दर्जन एटीएम भी हैं. जहां बिना किसी सुरक्षा कर्मी के पैसों का लेन-देन होता है. केवल एसबीआइ के तीन एटीएम में निजी कंपनी के सुरक्षा कर्मी सेवा दे रहे हैं.

पुलिस की गश्ती पर निर्भर है बैंक : शहर में गश्त लगाने वाली पुलिस पेट्रोलिंग टीम के सहारे ही सभी बैंकों की सुरक्षा बहाल है. नियम के मुताबिक बैंकों में हर दिन जा कर पेट्रोलिंग टीम को गश्ती पंजी में हस्ताक्षर करना होता है. लेकिन हर दिन ऐसा नहीं होता है. दो चार दिनों के अंतराल में ही गश्ती पंजियों में हस्ताक्षर होते हैं. नये खुले बैंकों में यह हस्ताक्षर होता ही नहीं है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola