इरफान अंसारी का ऐलान! AI खोलेगा दवाओं के संदिग्ध कारोबार की पोल, हर मेडिकल स्टोर पर रहेगी नजर
स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी
झारखंड में दवाओं की खरीद-बिक्री पर अब AI आधारित पोर्टल से नजर रखी जायेगी. किसी मेडिकल स्टोर में दवाओं की असामान्य खरीद या बिक्री होने पर ड्रग कंट्रोल अधिकारियों को ऑटोमैटिक अलर्ट मिलेगा. QR कोड से मरीज दवाओं की प्रामाणिकता भी जांच सकेंगे.
रांची: झारखंड में अब दवाओं की खरीद-बिक्री पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की नजर रहेगी. नशे के रूप में दवाओं के दुरुपयोग, अवैध बिक्री और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष AI आधारित पोर्टल तैयार किया है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से दवाओं की पूरी सप्लाई चेन की डिजिटल निगरानी की जायेगी. इसे नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) झारखंड और राज्य औषधि नियंत्रण निदेशालय ने मिलकर विकसित किया है.
निर्माता से मेडिकल स्टोर तक होगी दवाओं की ट्रैकिंग
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, AI पोर्टल के जरिये दवा निर्माता कंपनियों, थोक विक्रेताओं, रिटेल मेडिकल स्टोर और मरीजों तक दवाओं की सप्लाई चेन पर नजर रखी जायेगी. इससे यह पता लगाना आसान होगा कि कौन-सी दवा कहां से खरीदी गयी और उसकी आपूर्ति कहां की गयी. पोर्टल पर दवाओं की खरीद-बिक्री से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण भी AI सिस्टम करेगा.
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असामान्य बिक्री पर ड्रग कंट्रोल अधिकारियों को मिलेगा अलर्ट
मंत्री ने बताया कि पोर्टल का AI सिस्टम दवाओं की खरीद-बिक्री के पैटर्न का विश्लेषण करेगा. यदि कोई मेडिकल स्टोर अचानक किसी दवा की असामान्य रूप से अधिक मात्रा में खरीद या बिक्री करता है, तो सिस्टम संबंधित ड्रग कंट्रोल अधिकारियों को ऑटोमैटिक अलर्ट भेजेगा. इससे नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं के अवैध कारोबार की पहचान करने और समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी.
QR कोड से जांच सकेंगे दवाओं की प्रामाणिकता
नकली दवाओं के कारोबार और जालसाजी पर रोक लगाने के लिए आवश्यक दवाओं पर QR कोड अनिवार्य करने की दिशा में भी पहल की गयी है. इसके माध्यम से मरीज अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन कर दवा से जुड़ी जरूरी जानकारी, जैसे मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस और बैच नंबर आदि की जांच कर सकेंगे. इससे दवाओं की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.
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आम लोग भी पोर्टल पर दर्ज करा सकेंगे शिकायत
स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, पोर्टल पर आम नागरिकों के लिए शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध होगी. लोग दवाओं की अवैध बिक्री, नशे के लिए उनके इस्तेमाल और अन्य अनियमितताओं की शिकायत सीधे विभाग तक पहुंचा सकेंगे. इसके अलावा दवाओं के नाम पर गंभीर बीमारियों को ठीक करने के भ्रामक विज्ञापनों और झूठे दावों पर भी नजर रखी जायेगी.
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने दावा किया कि इस पहल का उद्देश्य दवाओं के अवैध कारोबार पर नियंत्रण लगाने के साथ मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है. AI आधारित निगरानी व्यवस्था से दवा कारोबार में पारदर्शिता बढ़ेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी.
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