झारखंड के सरकारी स्कूलों में अब नौकरी और करियर की तैयारी, 24 जिलों के विद्यार्थी होंगे लाभान्वित

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(AI जनरेटेड फोटो)

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झारखंड के सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं के छात्र अब पढ़ाई के साथ रोज़गार और करियर की प्रैक्टिकल जानकारी पाएंगे। खास MOU से मिलेगी ट्रेनिंग।

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रांची: झारखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़नेवाले विद्यार्थियों को अब पढ़ाई के साथ रोजगार और करियर की व्यावहारिक जानकारी भी मिलेगी. झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) और आइपीइ ग्लोबल लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया है. यह समझौता आइपीइ ग्लोबल के शी लर्न्स प्रोजेक्ट के तहत किया गया है. इसका उद्देश्य कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करना और उसे करियर से जोड़ना है.

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शिक्षा परियोजना के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने एमओयू के बाद कहा कि व्यावसायिक शिक्षा तभी सफल होगी, जब कक्षा की पढ़ाई को कार्यस्थल के अनुभव से जोड़ा जाये. इस साझेदारी के माध्यम से झारखंड के उद्योगों को कार्यक्रम से जोड़ा जायेगा, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और करियर के वास्तविक अवसर मिल सकें. उद्योग इस कार्यक्रम में केवल हितधारक नहीं, बल्कि युवाओं का भविष्य तैयार करने में साझेदार होंगे.

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उद्योगों से जुड़ेंगे विद्यार्थी

एमओयू के तहत विद्यार्थियों को अलग-अलग क्षेत्रों में करियर की जानकारी देने के साथ कार्यस्थलों का अनुभव कराया जायेगा. उन्हें ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग यानी काम करते हुए प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा. साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने व विद्यार्थियों में रोजगार के लिए जरूरी कौशल विकसित करने पर भी काम होगा. आइपीइ ग्लोबल उद्योगों और नियोक्ताओं के साथ साझेदारी बनाने में शिक्षा परियोजना की मदद करेगा, ताकि विद्यार्थी आगे की पढ़ाई, कौशल प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप व नौकरी के अवसरों से जुड़ सकें.

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24 जिलों के 970 स्कूलों में चल रही व्यावसायिक शिक्षा

राज्य के सभी 24 जिलों के 970 सरकारी स्कूलों में फिलहाल व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है. कक्षा नौवीं से 12वीं तक के 2.40 लाख से अधिक विद्यार्थी इसमें नामांकित हैं. इनमें करीब 60 प्रतिशत छात्राएं हैं. विद्यार्थियों को 15 अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े ट्रेड की पढ़ाई करायी जा रही है. यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों और विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप है. इसके जरिये विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कौशल हासिल करने और अपनी रुचि के अनुसार करियर चुनने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किया जायेगा.

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