झारखंड : HEC का सीएमडी कार्यालय सील करने पहुंचे मजिस्ट्रेट, जानें क्या है इसकी बड़ी वजह
HEC
एचइसी ने पायोनियर कंपनी को 2.50 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया. भुगतान को लेकर कई बार एचइसी से पत्राचार किया गया फिर भी भुगतान नहीं किया गया.
एचइसी गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है. स्थिति यह हो गयी है कि 60 वर्षों के इतिहास में पहली बार बकाया भुगतान को लेकर सीएमडी कार्यालय को सील करने की कार्रवाई की गयी. जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दोपहर 1.00 बजे मजिस्ट्रेट पवन कुमार, अधिवक्ता परमेश्वर महतो और जिला पुलिस बल के जवान एचइसी मुख्यालय पहुंचे. मजिस्ट्रेट ने सीएमडी कार्यालय में मौजूद अधिकारियों को कोर्ट का आदेश दिखाते हुए सीएमडी कार्यालय को सील करने की बात कही.
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इसकी तत्काल जानकारी अधिकारियों ने अन्य निदेशक व सीएमडी को दूरभाष पर दी. मजिस्ट्रेट ने एचइसी के अधिकारियों को बताया कि वर्ष 2012-13 में राउरकेला की कंपनी पायोनियर इंडस्ट्रीज से एचइसी ने कच्चा माल लिया था. लेकिन एचइसी ने पायोनियर कंपनी को 2.50 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया. भुगतान को लेकर कई बार एचइसी से पत्राचार किया गया फिर भी भुगतान नहीं किया गया.
इसके बाद कंपनी ने भुगतान को लेकर अदालत में याचिका दायर की. इस पर अदालत ने सीएमडी कार्यालय सील करने, कार्यालय के सामान को जब्त करने का आदेश दिया है. वहीं अदालत ने एचइसी के तीनों प्लांट एफएफपी, एचएमबीपी और एचएमटीपी में स्थित महाप्रबंधक कार्यालय को भी सील कर सामान जब्त करने का आदेश दिया है. वहीं सीएमडी कार्यालय में मजिस्ट्रेट की देखरेख में सभी सामान की सूची बनायी गयी और एचइसी के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गयी.
इधर, एचइसी के अधिकारी ने बताया कि सीएमडी व तीनों प्लांट के महाप्रबंधक कार्यालय को सील नहीं किया गया. मजिस्ट्रेट ने सभी कार्यालयों में मौजूद सामान की सूची बनायी है. वहीं एचइसी मुख्यालय में पहली बार सील करने आये मजिस्ट्रेट को देख कर अधिकारियों व कर्मचारियों में यह चर्चा का विषय बना रहा.
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