बाबूलाल मरांडी ने अमित शाह को लिखा पत्र, संताल परगना में डिटेंशन सेंटर बनाने की मांग, बांग्लादेशी घुसपैठ पर जताई चिंता

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बाईं तरफ की तस्वीर में बाबूलाल मरांडी और दाईं तरफ में अमित शाह की फाइल फोटो

झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने संताल परगना में हो रही कथित बांग्लादेशी घुसपैठ को आंतरिक सुरक्षा और जनजातीय अस्मिता के लिए गंभीर खतरा बताया है. उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है.

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रांची : झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने संताल परगना में हो रही कथित बांग्लादेशी घुसपैठ को देश की आंतरिक सुरक्षा और स्थानीय जनजातीय समुदाय की अस्मिता के लिए गंभीर खतरा बताया है. इस मुद्दे पर उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर केंद्र सरकार के हस्तक्षेप की मांग की है. बाबूलाल ने सिफारिश की है कि केंद्र की निगरानी में सीमावर्ती जिलों में विशेष अभियान चलाकर घुसपैठियों की पहचान की जाए, उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा जाए और अंततः निर्वासित (डिपोर्ट) किया जाए.

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2003-04 के खतियान से वंशावली सत्यापन की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने गृहमंत्री से आग्रह किया है कि संताल परगना प्रमंडल में तत्काल डिटेंशन सेंटर स्थापित किया जाए और वर्ष 2003-04 के खतियान के आधार पर वंशावली का सत्यापन कराया जाए. इसके अलावा, उन्होंने निर्वाचन आयोग के माध्यम से मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण कराने, फर्जी नाम हटाने, और फर्जी दस्तावेज बनाने वाले रैकेट व उन्हें संरक्षण देने वाले तंत्र की केंद्रीय एजेंसियों (जैसे NIA या CBI) से जांच कराने की मांग की है. उन्होंने दोषियों पर राजद्रोह के तहत कार्रवाई करने की अपील भी की है.

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पाकुड़ में 40.9% बढ़े एक वर्ग विशेष के वोटर: मरांडी

अपने हालिया संताल परगना दौरे का हवाला देते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 2019 से 2024 के बीच मतदाता आंकड़ों में अप्रत्याशित बदलाव आया है. उन्होंने दावा किया कि पाकुड़ में कुल मतदाता 24 प्रतिशत बढ़े हैं, जिसमें एक वर्ग विशेष के मतदाताओं में 40.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि अन्य की वृद्धि दर मात्र 11.4 प्रतिशत रही. उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और वंशावली के आधार पर बाहरी लोगों को बसाया जा रहा है और एसपीटी (SPT) एक्ट का उल्लंघन कर आदिवासियों की जमीन व सरकारी भूमि पर कब्जे हो रहे हैं.

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