झारखंड के 25 कॉलेज बनेंगे 'स्टेट ऑफ द आर्ट', अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे ये शिक्षण संस्थान

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अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे झारखंड के कई शिक्षण संस्थान, Pic Credit- AI, Only for symbolism

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झारखंड के 8 अंगीभूत कॉलेज अब 'स्टेट ऑफ द आर्ट' बनेंगे। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल क्लासरूम और बेहतर शोध की सुविधाएँ मिलेंगी, जिससे उच्च शिक्षा का स्तर बढ़ेगा।

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रांची : झारखंड सरकार ने राज्य के उच्च शिक्षा ढांचे को विश्व स्तर पर मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने राज्य के आठ अंगीभूत कॉलेजों को 'स्टेट ऑफ द आर्ट' (State of the Art) संस्थान के रूप में विकसित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है. इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत इन कॉलेजों में आधुनिक आधारभूत संरचना, उच्च स्तरीय शैक्षणिक सुविधाएं, डिजिटल संसाधन और उन्नत शोध (Research) की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय पठन-पाठन का माहौल मिल सके.

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किन-किन कॉलेजों को मिला है यह दर्जा?

सरकार द्वारा जिन आठ प्रमुख अंगीभूत कॉलेजों को 'स्टेट ऑफ द आर्ट' का दर्जा देने के लिए चुना गया है, उनमें विभिन्न विश्वविद्यालयों के अंतर्गत आने वाले इन नीचे लिखे कॉलेजों को शामिल किया गया है

रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत बिरसा कॉलेज, खूंटी
कोल्हान विश्वविद्यालय के अंदर आने वाला बहरागोड़ा कॉलेज और जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज
सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के अंदर आने वाला देवघर कॉलेज (देवघर) और एस.पी. कॉलेज (दुमका)
विनोबा भावे विश्वविद्यालय के अंदर आने वाला रामगढ़ कॉलेज (रामगढ़)
जे.सी. बोस विश्वविद्यालय (पूर्ववर्ती विनोबा भावे विवि, गिरिडीह), जे.जे. कॉलेज, झुमरी तिलैया (कोडरमा) और आर.के. महिला कॉलेज, गिरिडीह


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इस बदलाव के बाद मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं

इस योजना के धरातल पर उतरने से इन महाविद्यालयों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी. इसके तहत कई प्रमुख बदलाव और सुविधाएं होंगी. सबसे बड़ा टारगेट कॉलेज परिसरों को पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल बनाने का है. ऊर्जा की खपत को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 'ग्रीन कैंपस' और 'एनर्जी इफिसिएंट बिल्डिंग' का निर्माण किया जाएगा. इसके अलावा कॉलेजों में आधुनिक प्रयोगशालाएं (Modern Laboratories), डिजिटल क्लासरूम और उन्नत अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जाएंगे. इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता (Employability) को बढ़ाना है, ताकि छात्र वर्तमान औद्योगिक और तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकें.

इससे पहले 17 पॉलिटेक्निक कॉलेजों को भी मिल चुका है यह दर्जा

अंगीभूत कॉलेजों के इस निर्णय से पूर्व, झारखंड सरकार ने राज्य के 17 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को भी 'स्टेट ऑफ द आर्ट' का दर्जा देने की घोषणा की थी. इन पॉलिटेक्निक कॉलेजों में रांची, खूंटी, निरसा, जगन्नाथपुर, आदित्यपुर, भागा, सिमडेगा, कोडरमा, खरसावां, दुमका, साहिबगंज, धनबाद, लातेहार के अलावा महिला पॉलिटेक्निक संस्थान- जमशेदपुर (महिला), रांची (महिला), बोकारो (महिला) और दुमका (महिला) शामिल हैं. प्रति कॉलेज लगभग 55 करोड़ रुपये खर्च, रांची समेत कई जगहों पर काम शुरू पॉलिटेक्निक कॉलेजों के विकास के लिए प्रत्येक संस्थान पर लगभग 55 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इस बजट के तहत अत्याधुनिक प्रशासनिक भवन, एकेडमिक भवन, छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल, आवासीय परिसर, आधुनिक लाइब्रेरी, 500 लोगों की क्षमता वाला विशाल ऑडिटोरियम, स्टूडेंट रिसोर्स सेंटर, खेलकूद की बेहतर सुविधाएं (Sports Facility), ग्रीन एरिया और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। जानकारी के अनुसार, रांची पॉलिटेक्निक सहित अन्य कई स्थानों पर इन भवनों के निर्माण का कार्य पहले ही शुरू किया जा चुका है.

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