रांची/ नामकुम: युंगातर भारती के तत्वावधान में रविवार को नामकुम में पर्यावरण पंचायत 2015 का आयोजन किया गया. मौके पर खाद्य मंत्री सरयू राय ने कहा कि 2016 का बजट हरित बजट के रूप में तैयार किया जा रहा है. इस बजट में विकास के कार्यों से होने वाले पर्यावरण के नुकसान की भरपाई करने […]
रांची/ नामकुम: युंगातर भारती के तत्वावधान में रविवार को नामकुम में पर्यावरण पंचायत 2015 का आयोजन किया गया. मौके पर खाद्य मंत्री सरयू राय ने कहा कि 2016 का बजट हरित बजट के रूप में तैयार किया जा रहा है. इस बजट में विकास के कार्यों से होने वाले पर्यावरण के नुकसान की भरपाई करने के लिए भी प्रावधान होगा.
पंचायत में युगांतर भारती तथा उसकी सहयोगी इकाईयों द्वारा जलस्रोतों की गणना तथा उनके संरक्षण की समस्या व निदान पर विचार किया जायेगा. नेचर फाउंडेशन संस्था द्वारा विभिन्न क्षेत्र के लोगों के अनुभव के आधार पर पर्यावरण संरक्षण के लिए रोड मैप तैयार करने में सहयोग किया जायेगा.
पंचायत में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आये पर्यावरणविद व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आंदोलनरत कार्यकर्ता शामिल हुए. मुख्य अतिथि पटना विश्वविद्यालय के प्रो आरके सिन्हा ने अपने संबोधन में झारखंड में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका की सराहना की, साथ ही जलस्रोतों के दस्तावेजीकरण की मांग की.
डालफिन मैन की संज्ञा से विभूषित प्रो सिन्हा ने कहा कि झारखंड में हर वर्ष करीब 1100 मिमी बारिश होती है तथा यह बह कर निकल जाती है. सरकार को चाहिए कि पहाड़ों के नीचे गड्ढों का निर्माण कराये, जिसमें बरसात का पानी आकर जमा हो जाये. इससे भूगर्भ जलस्तर में वृद्धि के साथ मिट्टी में नमी की मात्र बढ़ेगी.
विधायक शिवशंकर उरांव ने कहा कि पर्यावरण तथा प्रदूषण की समस्या से हर एक व्यक्ति अवगत है. पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति की सोच से आरंभ होना चाहिए, तभी यह सार्थक व सफल हो सकेगा. मौके पर गृह सचिव एनएन पांडेय, झारखंड हाइकोर्ट के अधिवक्ता डॉ एसएन पाठक, एमके जमुआर, युगांतर भारती की अध्यक्षा मधु व अन्य शामिल थे.
ये किये गये सम्मानित
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विशेष कार्य करने के लिए पर्यावरण पंचायत के दौरान डॉ एसएन पाठक, डॉ केके शर्मा, तथा तापेश्वर केसरी को सम्मानित किया गया. इस अवसर पर युगांतर भारती की वार्षिक स्मारिका का भी विमोचन किया गया.