रांची : कोई खुद, तो कोई मां-बाप के बीमार रहने का दे रहा हवाला

By Prabhat Khabar Digital Desk
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सरकार की सख्ती के बाद वीआरएस के लिए तरह-तरह के कारण बता रहे डॉक्टर
रांची : निजी प्रैक्टिस पर सख्ती से नाराज रिम्स के सीनियर डॉक्टर वीआरएस के लिए तरह-तरह के कारण बता रहे हैं. मंगलवार को रिम्स के टेली मेडिसिन विंग में सीनियर डॉक्टर एकत्र हुए और वीआरएस पर चर्चा की. वीआरएस के लिए डॉक्टरों ने अपने हिसाब से आवेदन का प्रारूप तैयार किया है. वीआरएस के लिए अधिकतर डॉक्टरों ने अपने स्वास्थ्य को कारण बताया है. किसी ने खुद हृदय रोग से पीड़ित, तो किसी ने स्लिप डिस्क व मां-बाप की बीमारी का हवाला दिया है. करीब 12 डॉक्टरों ने वीआरएस के लिए आवेदन तैयार कर लिया है. बुधवार को कुछ और डॉक्टर वीआरएस के लिए आवेदन फॉर्म भर सकते हैं.
सीनियर डाॅक्टरों ने रिम्स प्रबंधन के माध्यम से सरकार से एनपीए को वैकल्पिक करने का आग्रह किया है. आवेदन में डॉक्टरों ने लिखा है कि अगर सरकार एनपीए को वैकल्पिक नहीं करती है, तो वह वीआरएस लेने को विवश होंगे. कई डाॅक्टर रिम्स प्रबंधन की बेरुखी से नाराज हैं. उनका कहना है कि रिम्स ही एक ऐसा परिवार है, जिसका मुखिया अपनी समस्या का समाधान करने में अक्षम है.
देर से पहुंचनेवाले डॉक्टर व कर्मी नहीं बना सके बायोमेट्रिक्स से हाजिरी : रांची. रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह के आदेश पर मंगलवार को भी सुबह 9:30 बजे बायोमेट्रिक्स के कंप्यूटर को बंद कर दिया गया. इस कारण करीब एक दर्जन डॉक्टर व कर्मचारी अपनी हाजिरी नहीं बना सके. देर से पहुंचे डाॅक्टर व कर्मचारियों से कहा गया कि निदेशक ने कंप्यूटर को बंद करने का आदेश दिया है. इसलिए दोबारा कंप्यूटर नहीं खोला जा सकता है. इसके बाद कर्मचारी चले गये. सूत्रों ने बताया कि निदेशक ने बायोमेट्रिक्स से कर्मचारियों की उपस्थिति का ब्योरा मंगाया है.
डॉ विनय प्रताप ने दिया वीआरएस का आवेदन
रिम्स के कई सीनियर डाॅक्टर अभी वीआरएस की सोच रहे हैं. वहीं सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ विनय प्रताप ने रिम्स प्रबंधन को वीआरएस का आवेदन सौंप दिया है. मंगलवार को रिम्स निदेशक कार्यालय में डॉ विनय ने आवेदन दे दिया. सूत्रों की मानें, तो मेडिसिन विभाग की फैकल्टी से डॉ विद्यापति व डॉ संजय कुमार सिंह ने दुबारा वीआरएस का आवेदन कर दिया है. हालांकि उक्त डॉक्टरों ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कहने पर वीआरएस का आवेदन वापस ले लिया था. अब फिर से दोनों ने वीआरएस के लिए आवेदन दिया है.
रांची : रिम्स के जूनियर डॉक्टरों को दो माह से लंबित वेतन का भुगतान कर दिया गया है. गौरतलब है कि वेतनमान नहीं मिलने पर जेडीए का एक प्रतिनिधिमंडल विगत गुरुवार को निदेशक से मिलने गया था, लेकिन वह नहीं मिले थे. इसके बाद डॉक्टर आंदोलन की तैयारी में जुट गये थे.
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