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18 प्रस्तावों पर सहमति, 10 वर्ष पूर्व से कार्यरत कर्मचारी होंगे स्थायी, जानें झारखंड कैबिनेट के अन्‍य महत्‍वपूर्ण फैसले

Updated at : 19 Jun 2019 7:25 AM (IST)
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18 प्रस्तावों पर सहमति, 10 वर्ष पूर्व से कार्यरत कर्मचारी होंगे स्थायी, जानें झारखंड कैबिनेट के अन्‍य महत्‍वपूर्ण फैसले

रांची : झारखंड कैबिनेट की बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मिली सहमति. इनमें अहम फैसलों में एक है दस साल से काम करनेवाले कर्मचारियों की सेवा नियमित करने का. वहीं आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों (गरीब सवर्ण) को केवल राज्यस्तरीय रिक्तियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का निर्णय लिया गया. कैबिनेट ने छह माह […]

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रांची : झारखंड कैबिनेट की बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मिली सहमति. इनमें अहम फैसलों में एक है दस साल से काम करनेवाले कर्मचारियों की सेवा नियमित करने का.

वहीं आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों (गरीब सवर्ण) को केवल राज्यस्तरीय रिक्तियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का निर्णय लिया गया. कैबिनेट ने छह माह के अंदर राज्य सरकार के स्वीकृत पदों पर जून 2009 के पूर्व से काम करनेवाले कर्मचारियों की सेवा नियमित करने का निर्णय लिया है. इसके लिए झारखंड सरकार के अधीन अनियमित रूप से नियुक्त व कार्यरत कर्मियों की सेवा नियमितिकरण नियमावली 2015 में संशोधन का फैसला किया गया.

पहले 10 साल से ज्यादा समय से कार्यरत कर्मियों की सेवा नियमित करने के लिए कट ऑफ डेट 10.04.2006 था. अब उसे बढ़ा कर संशोधित अधिसूचना निकलने की तिथि के 10 वर्ष पूर्व करने का फैसला किया. सेवा नियमितिकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अधिकतम छह माह का समय निर्धारित किया गया है.

एक महीने में 50 घंटे आेवरटाइम करने की छूट

कैबिनेट ने झारखंड राज्य कारखाना अधिनियम 1948 में संशोधन करते हुए एक महीने में अधिकतम 50 घंटे आेवरटाइम करने पर मंजूरी दी. पूर्व में एक तिमाही में 75 घंटों से ज्यादा आेवरटाइम की अनुमति नहीं थी. कैबिनेट ने इज ऑफ डुइंग बिजनेस के तहत भारत सरकार की औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग द्वारा तैयार बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के तहत संशोधन किया है.

जून 2009 के पूर्व से काम करनेवाले होंगे लाभान्वित

सृजित पद पर काम करनेवाले अनियमित कर्मी ही होंगे लाभान्वित

सेवा नियमितिकरण नियमावली 2015 में संशोधन का फैसला

सेवा नियमितिकरण की प्रक्रिया पूरी करने में अधिकतम छह माह लगेंगे

राज्यस्तरीय रिक्तियों में ही गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण

कैबिनेट ने आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों (गरीब सवर्ण) को केवल राज्यस्तरीय रिक्तियों में ही आरक्षण देने का निर्णय लिया. इसके लिए झारखंड पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण (एससी, एसटी, ओबीसी के लिए) द्वितीय संशोधन अध्यादेश को मंजूरी दी.

इसी वर्ष जनवरी में राज्य व जिला स्तर की नौकरियों में आर्थिक रूप से पिछड़ों (गरीब सवर्ण) को एससी, एसटी व ओबीसी के समान 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए अध्यादेश लाया गया था. जिलों में आंकड़ों का संकलन पूरा नहीं हो पाने के कारण जिलों में गरीब सवर्ण को आरक्षण फिलहाल लागू नहीं करने का फैसला लिया गया. अभी केवल राज्यस्तरीय नौकरियों पर ही उक्त प्रावधान लागू होगा.

संताल में दान की जमीन पर रहनेवालों को पक्का मकान मिलेगा कैबिनेट ने संताल परगना में दान, बदलनामा या अन्य कागजात के आधार पर कच्चे मकान में रहनेवाले लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर बना कर देने पर सहमति दी. एसपीटी एक्ट की वजह से वहां भूमि अविक्रयशील है.

इस कारण लोग दानपत्र, बदलनामा या अन्य कागजात के आधार पर कच्चा निर्माण कर रहते हैं. कैबिनेट ने ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देना आवश्यक बताया. अन्यान्न में लाये गये प्रस्ताव पर कैबिनेट ने दानपत्र, बदलनामा या अन्य कागजातों के आधार पर जमीन पर विवाद रहित दखल रखनेवाले लोगों को ग्रामसभा से आपत्ति नहीं मिलने पर योजना का लाभ देने का फैसला किया. अब ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देकर पक्का मकान उपलब्ध कराया जा सकेगा.

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