लीड) ओके...उग्रवादियों ने बलकुदरा आउटसोर्सिंग में की फायरिंग

Published at :11 Oct 2015 7:50 PM (IST)
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लीड) ओके...उग्रवादियों ने बलकुदरा आउटसोर्सिंग में की फायरिंग

लीड) अोके…उग्रवादियों ने बलकुदरा आउटसोर्सिंग में की फायरिंग फोटो 11 बीएचयू 4 में जांच करते डीएसपी, 5 में सुनसान पड़ी पीएलआर कैंप, 6 में डरे व सहमे मजदूर, 7 में बलकुदरा माइंस में लगी मशीनें, 8 में जिंदा बम, 9 में बरामद किया गया गोली व खोखा, 10 में फटा हुआ बममुख्य बातें जेजेएमपी के […]

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लीड) अोके…उग्रवादियों ने बलकुदरा आउटसोर्सिंग में की फायरिंग फोटो 11 बीएचयू 4 में जांच करते डीएसपी, 5 में सुनसान पड़ी पीएलआर कैंप, 6 में डरे व सहमे मजदूर, 7 में बलकुदरा माइंस में लगी मशीनें, 8 में जिंदा बम, 9 में बरामद किया गया गोली व खोखा, 10 में फटा हुआ बममुख्य बातें जेजेएमपी के जोनल कमांडर ने ली जिम्मेवारी-लेवी व ट्रांसपोर्टिंग को लेकर हो रहा है बवाल-एक सप्ताह पूर्व भी उग्रवादियों ने की थी फायरिंग डीएसपी ने घटनास्थल का किया मुआयना भुरकुंडा.बलकुदरा आउटसोर्सिंग से कोयला उत्पादन पर संकट लगातार जारी है. शनिवार की रात दस बजे उग्रवादियों की संगठित टीम ने यहां अत्याधुनिक हथियार से फायरिंग की और कार्यस्थल पर बम फेंका. धमाके के बाद उग्रवादियों ने आउटसोर्सिंग कंपनी (पीएलआर) को काम बंद करने की धमकी भी दी. इसके बाद यहां दहशत है. इस हमले की जिम्मेवारी जेजेएमपी के एरिया कमांडर प्रभात जी ने ली है. उन्होंने घटना के बाद कंपनी अधिकारी को फोन पर कहा कि काम बंद करने का यह अंतिम फरमान है. यदि इसके बाद भी काम बंद नहीं हुआ, तो खूनी होली खेली जायेगी. रात करीब दस बजे कंपनी परिसर में दो बाइक से चार उग्रवादी आये. उग्रवादियों ने यहां हवाई फायरिंग की और दो बम फेंका. घटना की सूचना पर रात को ही बासल, भुरकुंडा व पतरातू थाने की पुलिस पहुंची. पुलिस ने कंपनी कर्मियों की निशानदेही पर घटनास्थल से खाली कारतूस, एक जिंदा बम और फटे बम का अवशेष बरामद किया. सुबह डीएसपी वीरेंद्र कुमार चौधरी भी पहुंचे और घटना का ब्यौरा लिया. डीएसपी ने पीएलआर कंपनी को सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. इधर, पीएलआर कंपनी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा नहीं मिलने की स्थिति में वे काम बंद कर देंगे.लेवी व ट्रांसपोर्टिंग को लेकर हुई है गोलीबारीउग्रवादियों की इस कार्रवाई का मुख्य कारण पीएलआर कंपनी से लेवी वसूलने के साथ उसके द्वारा दिया जाने वाला ट्रांसपोर्टिंग कार्य है. कंपनी को यहां से कोयला सेंट्रल सौंदा साइडिंग भेजना है. इस काम पर कई अपराधिक संगठनों सहित उग्रवादी संगठनों की भी नजर है. खूनी संघर्ष की आशंकाट्रांसपोर्टिंग कार्य को लेने की होड़ यहां बड़े खूनी संघर्ष का संकेत दे रही है. बताया जाता है कि करीब आधा दर्जन अपराधी-उग्रवादी गुट सहित दर्जनों समितियां और असामाजिक तत्व इस काम को लेने के लिए अपनी जोर-आजमाइश कर रहे हैं. एक सप्ताह के अंदर अलग-अलग गुटों ने यहां फायरिंग कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है. खौफजदा हैं पीएलआर के कर्मीघटना के बाद से पीएलआर के कर्मी खौफ के साये में जी रहे हैं. बलकुदरा में आउटसोर्सिंग कंपनी के कार्य में कई राज्यों के लगभग 250 मजदूर कार्य कर रहे हैं. कर्मियों ने कहा कि ऐसी घटना बार-बार होने से हमलोग काफी डरे सहमे हैं. ऐसे में काम करना काफी कठिन है. मजदूरों ने पुलिस व सीसीएल प्रबंधन से सुरक्षा की गुहार लगायी है. घटना के दो घंटे के बाद पहुंची पुलिस उग्रवादियों ने बीती रात लगभग दस बजे पीएलआर कंपनी कार्यालय के समीप छह रांउड गोली चलायी और दो बम फेंके गये. एक बम कैंपस में खड़े हाइवा पर फेंका गया, जो फट गया. जबकि दूसरा बम नहीं फटा. इस दौरान पूरा क्षेत्र थर्रा गया. लोग जहां के तहां ठिठक गये. लेकिन घटना स्थल से महज दो किमी की दूरी पर स्थित पुलिस थाने से कोई नहीं आया. जबकि साइडिंग की एक ओर बासल व दूसरी ओर भुरकुंडा थाना है. फिर भी पुलिस को घटना स्थल पर पहुंचने में दो घंटे से ज्यादा का समय लग गया.अत्याधुनिक हथियार से लैस थे उग्रवादी कैंप में गोली व बम बरसाने वाले उग्रवादी किसी बड़े व संगठित गिरोह से ताल्लुक रखते हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उग्रवादियों के पास अत्याधुनिक हथियार थे, और गोली चलाने का अंदाज भी पेशेवर था.घटना को अंजाम देने के बाद सभी उग्र्रवादी जयनगर की ओर निकल गये.करोड़ों का हो चुका है नुकसानपीएलआर कंपनी पर हो रहे हमले के कारण विगत एक सप्ताह से यहां कोयले का उत्पादन ठप है. इससे सीसीएल को अबतक करोड़ों का चूना लग चुका है. कंपनी को अक्तूबर माह में तीस हजार टन यानी प्रतिदिन लगभग एक हजार टन कोयले का उत्पादन करना है. एक मोटे अनुमान के मुताबिक, प्रतिदिन यहां से 50 लाख का कोयला निकाला जाना है. घटना बंद नहीं हुई, तो बंद कर देंगे काम : पीएलआरलगातार हो रही घटनाओं से आतंकित पीएलआर कंपनी ने यहां से अपना बोरिया-बिस्तर समेटने का मन बना लिया है. कंपनी प्रबंधन ने कहा है कि यदि पुलिस-प्रशासन द्वारा घटना पर अकुंश नहीं लगाया गया, तो वे यहां अपना काम बंद कर देंगे. प्रबंधन ने कहा है कि मांइस को सुचारू रूप से चलाने के लिए पुलिस-प्रशासन के साथ उसे क्षेत्र के आमजनों का भी सहयोग चाहिए.जल्द ही पकड़े जायेंगे आतंक फैलाने वाले : डीएसपीडीएसपी ने जांच के बाद कहा कि जल्द ही घटना को अंजाम देने वाले पकड़ लिये जायेंगे. वे खुद मॉनिटरिंग करेंगे. डीएसपी ने बताया कि कुछ अपराधिक संगठन उग्रवादी संगठनों के नाम पर लेवी मांगने का काम कर रहे हैं. इसकी भी पुलिस जांच करेगी.

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